पीलीभीत। ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहे मरीजों को कुछ राहत मिल सकी है। सांसद वरुण गांधी ने निजी खर्च पर मुंबई से 100 बड़े और 15 छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर लाकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिए। वह खुद सिलिंडर देने के लिए दिल्ली से आए थे। डीएम और सीएमओ से बात की और आगे भी मदद का आश्वासन दिया। स्पष्ट कहा कि मरीजों के इलाज में कोई कमी नहीं आनी चाहिए।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या जिले में भी तेजी से बढ़ रही है। डिमांड के सापेक्ष ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं मिल पा रही थी। इसका असर मरीजों के इलाज पर भी पड़ रहा था। सरकारी व निजी एल-2 अस्पतालों को भी आए दिन ऑक्सीजन की दिक्कत से जूझना पड़ रहा था। वहीं अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों पर भी ऑक्सीजन कमी की मार थी। पिछले सप्ताह सांसद ने सौ ऑक्सीजन सिलिंडर प्रशासनिक आधार पर अन्य जिलों के अधिकारियों से बात कर मुहैया कराने की बात कही थी। मगर उसके बाद भी दिक्कत बनी रही थी। इसे देखते हुए इस बार सांसद ने निजी खर्च पर प्रयास किया। मुंबई के एक प्लांट मालिक से संपर्क साधा और फिर 100 बड़े व 15 छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदे। सोमवार देर रात ऑक्सीजन सिलिंडर की खेप गांधी स्टेडियम पहुंच गई थी। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे सांसद वरुण गांधी भी पीलीभीत पहुंचे। डीएम पुलकित खरे, सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल समेत कई अफसर मौजूद थे। सांसद ने कोरोना संक्रमण को लेकर किए जा रहे इंतजामों को जाना और फिर ऑक्सीजन किल्लत दूर कराने को सिलिंडर मुहैया कराए। ऑक्सीजन सिलिंडर की खेप मिले पर स्वास्थ्य विभाग ने भी राहत की सांस ली है। इस मौके पर पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, विधायक बरखेड़ा किशनलाल राजपूत, मन्नू कश्यप, प्रवक्ता एमआर मलिक आदि मौजूद थे। बता दें कि पिछले साल लॉकडाउन में सांसद रसोई की शुरूआत करते हुए सांसद वरुण गांधी की टीम ने जरूरतमंदों तक करीब 20 लाख खाने के पैकेट भी पहुंचाए थे।
संकट काल में वास्तविक मदद करें जनप्रतिनिधि
सांसद की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में अन्य जनप्रतिनिधियों से भी वास्तविक मदद करने की अपील की गई। उसमें कहा गया कि पीलीभीत उनका परिवार है। परिवार के लोगों की जिंदगी बचाने के लिए पूरी ताकत से लगा हूं। अन्य जनप्रतिनिधियों से निवेदन है कि सिर्फ बयान देने के बजाय वास्तविक मदद करें ताकि स्थानीय जनता को सच में लाभ मिल सके।
इस्तेमाल करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बनाई रणनीति
सांसद की ओर से मुहैया कराए गए ऑक्सीजन सिलिंडरों के इस्तेमाल को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रणनीति तैयार कर ली है। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि मुहैया कराई गई ऑक्सीजन करीब 1.30 मीट्रिक टन से अधिक है। इन्हें अब छोटे सिलिंडरों में रिफिल कराएंगे। उसके बाद एल-2 कोविड अस्पताल, आयुर्वेदिक कॉलेज, माधोटांडा, जहानाबाद सीएचसी समेत अन्य स्थानों पर भिजवाया जाएगा। खाली सिलिंडरों को भी रिफिलिंग के लिए बरेली और रूद्रपुर भेजा जाएगा। ताकि स्टॉक बना रहे।
सांसद बोले- संपत्ति भी गिरवी रखनी पड़ी तो भी पीछे नहीं हटूंगा
कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। ऑक्सीजन की दिक्कत हो रही थी। इसे देखते हुए अभी मुंबई से निजी खर्च पर ऑक्सीजन की खेप प्रशासन को मुहैया कराए हैं। अगली बार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी मुहैया कराए जाएंगे। संकट काल में फंसे लोगों की मदद को संपत्ति भी गिरवी रखनी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे। - वरुण गांधी सांसद