फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं मिली एंबुलेंस, संदिग्ध कोरोना मरीज को बाइक पर बैठाकर ले गए परिजन

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। कोरोना के बढ़ते प्रसार के बावजूद स्वास्थ्य महकमा लापरवाही बरत रहा है। एल-2 कोविड अस्पताल में पहुंची एक महिला की हालत गंभीर होने के बाद भी उसे रेफर कर दिया, मगर उसे न तो ले जाने के लिए स्ट्रेचर दिया और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। ऐसे में मजबूरी में तीमारदार को अपने मरीज को बाइक से ले जाना पड़ा।
विज्ञापन

पूरनपुर क्षेत्र की रहने वाली 50 वर्षीय महिला को इलाज के लिए उसके परिवार वाले 12 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां हालत गंभीर होने पर बिना कोविड जांच के ही उसे एल-2 कोविड अस्पताल भेज दिया। एल-2 के स्टाफ ने उसे भर्ती कर लिया, लेकिन कोरोना की जांच नहीं की गई। डॉक्टरों का मानना था कि उसमें कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे थे। थोड़ी देर बाद डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। मानवता को शर्मसार करने वाली स्थिति तब बनी जब उस महिला को स्ट्रेचर की जगह व्हीलचेयर पर बैठा कर बाहर कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उसे ले जाने के लिए कोई एंबुलेंस की व्यवस्था तक नहीं की गई थी। करीब बीस मिनट बाद खुशामत करने के बाद भी जब बात नहीं बनी, तो मजबूरन परिवार वालों ने महिला को गोद में उठाया, और कुछ दूरी पर खड़ी अपनी बाइक पर बैठाकर अन्य परिवार वालों की मदद से लेकर चले गए। इस दौरान कई डॉक्टर समेत स्वास्थ्य कर्मी मौके पर टहलते दिखे भी, मगर किसी ने भी उसकी मदद करने की जहमत नहीं उठाई।
जिसने देखा वो रुक गया
इस तस्वीर को रास्ते में जिसने भी देखा वो मानो थम सा गया। महिला को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। महिला की परेशानी देखकर वहां मौजूद लोग अपने-अपने मरीजों की चिंता करने लगे। क्योंकि रोजाना जिस तरह से अस्पतालों में मौतें हो रही हैं। उससे सभी के दिलों में डर बैठ गया है।
विज्ञापन

अगर एल-2 कोविड अस्पताल में कोई मरीज भर्ती होता है और उसे रेफर किया जाता है, तो उसे एंबुलेंस से भेजा जाता है। फिलहाल यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। वहां के नोडल अधिकारी से जानकारी की जाएगी। लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
एल 2 अस्पताल से कोई भी मरीज रेफर नहीं किया गया है। जो महिला एल-2 अस्पताल पहुंची थी डॉक्टरों ने बताया कि वह बिना कोविड-19 के सीधे अस्पताल चली आई थी उन्हें कोरोना की जांच कराने के लिए भेजा गया था। अस्पताल के बाहर कोई भी सुरक्षाकर्मी तैनात ना होने के कारण लोग सीधे अंदर चले आते हैं इसके लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है। डॉ राजेश नोडल एल-2 कोविड
इमरजेंसी पर कोई मरीज आया था यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है दोपहर की ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों से मामले की जानकारी करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। डॉ रतनपाल सिंह सुमन, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें