पूरनपुर। मध्य प्रदेश से गोरखपुर पैदल जा रहे 19 लोगों को डीएम ने पीलीभीत-लखीमपुर सीमा के पास पकड़ने के बाद उन्हें पास के शेल्टर होम में भिजवाया। दूसरी ओर नेपाल सीमा पर कासगंज से पैदल आए 17 लोग भी एसएसबी और पुलिस ने पकड़ लिए। ये लोग नेपाल जाने की कोशिश कर रहे थे। इन 17 लोगों को पलिया के एक स्कूल में बने शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया है।
जनपद की सीमाएं सील हैं। इन पर आवाजाही रोकने के लिए निगरानी भी बढ़ाई गई है। इसके बावजूद आवागमन रुकने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार सुबह मध्य प्रदेश से 19 मजदूर पैदल आ गए। ये सभी गोरखपुर जा रहे थे। असम हाईवे होते हुए शाहजहांपुर की तरफ बढ़ते ही उन्हें डीएम वैभव श्रीवास्तव ने रोक लिया। डीएम ने इनसे पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि खाने का संकट पैदा होने के बाद उन्होंने पैदल घर जाने की ठान ली थी। डीएम ने सभी लोगों को लकी चिल्ड्रेन स्कूल में बने शेल्टर होम भेज दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शेल्टर होम पहुंचकर इन लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। एसडीएम हरिओम शर्मा ने बताया कि पकड़े गए सभी 19 लोग मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों से पैदल ही गोरखपुर जा रहे थे।
हजारा। कासगंज से 17 नेपाली मजदूर भी पैदल आ गए। ये नेपाल की सीमा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे कि पहले से मुस्तैद एसएसबी और पुलिस ने इनको पकड़ लिया। सभी को एसएसबी ने पलिया के एक कॉलेज में बनाए गए शेल्टर होम भिजवाया है। ये सभी लंबे समय से कासगंज में मजदूरी कर रहे थे।