पीलीभीत। प्रवासी मजदूरों के आने के शुरू हुए सिलसिले के बाद कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। शुक्रवार को एक सप्ताह बाद 134 संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। लगातार संक्रमितों की बढ़ती संख्या पर ब्रेक लगने से प्रशासन को भी सुकून महसूस हुआ।
प्रवासियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ था। बुधवार को अमरिया के डांग गांव, पूरनपुर में पूर्व स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. विनोद तिवारी के गांव कुर्रिया, गोविंदपुर और बीसलपुर के रिछोला सबल गांवों में प्रवासी युवक कोरोना संक्रमित पाए गए थे। गुरुवार को भी बरखेड़ा के खमरिया पंडरी के दो बच्चे और न्यूरिया थाना क्षेत्र के भिकारीपुर गांव के युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इससे स्वास्थ्य महकमे के अफसर भागमभाग में लगे थे। गुरुवार को देर रात आई 134 लोगों की जांच रिपोर्ट में सभी निगेटिव पाए गए। इससे लगातार कोरोना संक्रमितों के मिलने की संख्या पर ब्रेक लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली।
संक्रमित दो बच्चों के माता-पिता की नहीं आ पाई रिपोर्ट
बरखेड़ा के खमरिया पंडरी में 16 मई को दिल्ली से एक ही परिवार के छह लोग वापस आए थे। इनमें माता-पिता और चार बच्चे शामिल थे। परिवार के सभी छह लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। गुरुवार को मिली जांच रिपोर्ट में इस परिवार के दो बच्चे पॉजिटिव निकले। दोनों बच्चों की उम्र 10 साल से कम होने की वजह से उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती करने में दिक्कत आई। मां की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आने का अंदेशा तो जताया गया, मगर रिपोर्ट न आने से फैसला लेने में दिक्कत हुई। हालात देखते हुए मां को अंतत: बच्चों के साथ ही कोविड अस्पताल भर्ती कर दिया गया। इसके बाद मां और पिता की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, शुक्रवार को भी दोनों की रिपोर्ट नहीं आई।
गुरुवार देर रात आई जांच रिपोर्ट में 134 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। शुक्रवार को भी 149 लोगों के सैंपल जांच को भेजे गए हैं। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ