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रोना की मॉनिटरिंग कर शासन ने भी पीलीभीत की स्थिति मानी संतोषजनक

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पीलीभीत। पूरे देश में लॉकडाउन को ही कोरोना के संक्रमण फैलने से रोकने में सबसे बड़ा हथियार माना गया। पीलीभीत में इसका ठीक से पालन कराए जाने और सूचना तंत्र मजबूत बनाए रखने से जिले को यूपी में सबसे पहले कोरोना मुक्त जिला बना लिया गया। इसके बाद हुई समीक्षा में हर बाहर पीलीभीत को संतोषजनक माना गया है।
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कोरोना संक्रमण के चलते 22 मार्च को जनता कर्फ्यू रहा था। पीलीभीत में पहला कोरोना पीड़ित अमरिया की एक महिला 22 मार्च को ही मिली थी। स्क्रीनिंग करने के बाद उसे अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। उसके बाद 24 मार्च को उसका बेटा भी कोरोना संक्रमित निकला। दोनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उनका इलाज चला। महिला का 18 दिन और उसके बेटे का 21 दिन इलाज चला। नौ अप्रैल को रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद महिला को उसके घर भेज दिया गया। 14 अप्रैल को महिला के बेटे को भी अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
अब जिले में कोई भी कोरोना मरीज नहीं है। अब तक स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 236 संदिग्धों के सैंपल परीक्षण को भेजे हैं। अब तक दो को छोड़कर बाकी सभी निगेटिव मिले। इसके अलावा 15 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। आठ हजार लोगों को होम क्वारंटीन किया गया। बाहर से आने वाले 15000 लोगों में से 10 हजार होम क्वारंटीन हैं। लॉकडाउन का भी सख्ती से पालन कराया गया। सीमाएं सील की गईं। प्रशासन ने इस दौरान सतर्कता बरती। लोगों को घर से बाहर न निकलने के प्रति जागरूक भी किया। इसके परिणामस्वरूप राज्य स्तर पर पीलीभीत की स्थिति संतोषजनक पाई गई। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्तकता बरतते हुए गांव-गांव जाकर बाहर से आने वालों की स्क्रीनिंग कीं। ऐसे गांवों को सैनिटाइज भी किया गया। ज्यादतर लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। वहीं अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने भी पूरे राज्य की समीक्षा करते हुए लॉकडाउन के दौरान कानून व्यवस्था के मामले में पीलीभीत को संतोषजनक बताया, जबकि मंडल में बदायूं और बरेली को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। पीलीभीत में यह सब सर्तकता के चलते संभव हो सका है।
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क्वारंटीन लोगों को कराया योगा
पुराना अस्पताल में बने क्वारंटीन सेंटर में बाहर से आने वालों संदिग्धों का परीक्षण करने के बाद उन्हें वहां 14 दिनों के लिए ठहराया गया है। पहले इन सबसे एक दिन रोककर घर भेजने की बात कही गई थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इससे लोग अब परेशान होने लगे। स्वास्थ्य विभाग से क्वारंटीन लोगों को रविवार सुबह जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डा. पीके मिश्रा और काउंसलर पल्लवी सक्सेना ने प्रार्थना कराने के बाद तनाव मुक्त करने के लिए योग भी कराया। डॉक्टरों ने सबसे बात की। उन्हें समझाया और उनके मन की बातों को भी सुना। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि क्वारंटीन लोग मानसिक तनाव में आ गए हैं, इसलिए उन्हें योग कराया जा रहा है।
बैंक मैनेजर सहित 17 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव
दो दिन पूर्व गजरौला क्षेत्र के सुहास गांव में स्थित बैंक आफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक को तीन दिन से बुखार आ रहा था। वह शुक्रवार को अस्पताल में अपने साथी के साथ जांच करने के लिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनका सैंपल लेकर उन्हें 14 दिन तक होम क्वारंटीन किया है। शनिवार को देर रात आई जांच रिपोर्ट में बैंक मैैनेजर सहित 17 लोगों को निगेटिव पाया गया।
नेपाल के तीन युवकों को शेल्टर होम भेजा
मथुरा से पैदल चलकर आ रहे तीन नेपाली युवकों को पुलिस ने नकटादाना चौराहा पर पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी स्क्रीनिंग की। इसके बाद उन्हें वीरागंना अवंती बाई स्कूल में बनाए गए शेल्टर होम में 14 दिन के लिए ठहराया गया है। सोमवार को उनका सैंपल लेकर परीक्षण को भेजा जाएगा।
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