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शासन ने नहीं बदली कोरोना गाइड लाइन: 200 मेहमानों में बरात कैसे हो, किसे बुलाएं किसे नहीं

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पीलीभीत। सहालग की शुरुआत के साथ अगले सप्ताह सड़कों पर बैंड बाजा-बरात की शुरुआत हो जाएगी। मगर शासन की ओर से जारी गाइड लाइन ने लड़का पक्ष और लड़की पक्ष वालों के साथ बरातघर, कैटर्स और होटल वालों के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लड़के पक्ष और लड़की पक्ष वाले घरों में इस बात पर जोर दे रहे हैं कि 200 से ज्यादा लोगों को शामिल न होने देने के प्रतिबंध के बीच शादियों में भव्यता दिखाने का रास्ता कैसे बनाएं। शादी के इंतजाम करने वाले कारोबारी इस सवाल पर मगजमारी कर रहे हैं कि 200 लोगों में वह खर्च निकालने के साथ मुनाफा कमाने की चुनौती से कैसे निपटें।
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शासन ने शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों के लिए अधिकतम संख्या की पाबंदी में कोई भी संशोधन नहीं किया है। हालांकि कारोबारियों को उम्मीद थी कि दिवाली के बाद शासन इस पर विचार करेगा और 200 के स्थान पर 500 लोगों को शादियों में शामिल करने की अनुमति मिल जाएगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। इतने लोगों में कैटर्स और वेटर की गिनती भी शामिल करने का शासन का निर्देश और परेशानी बढ़ा रहा है। इसकी वजह से किसी भी वैवाहिक कार्यक्रम में घरवालों के साथ डेढ़ सौ से ज्यादा मेहमानों को बुलाना मुमकिन नहीं। शादी वाले घरों में यह दर्द आम है कि बरातघरों और कैटर्स की बुकिंग में पूरा पैसा खर्च करने के बावजूद उन्हें सीमित लोगों को ही बुलाना होगा।
25 नवंबर से 15 दिसंबर तक है सहालग
लॉकडाउन की वजह से कई वैवाहिक कार्यक्रम रुक गए, तो कुछ ने स्थगित कर दिए। गर्मी में बहुत कम शादियां हुई थीं। उधर, अब 25 नवंबर से सहालग फिर शुरू होेने जा रहे हैं, जोकि 12 दिसंबर तक रहेंगे। इसके बाद बरातघर वालों के पास कोई भी बुकिंग नहीं है। हालांकि सहालग के पहले दिन ज्यादातर बरातघर फुल हैं। अधिकांश कैटर्स भी पहले से बुक चल रहे हैं। सीमित लोगों में अधिकांश लोग मुनाफा न होने के कारण बुकिंग ही नहीं ले रहे। ऐसे में शादी-ब्याह करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बरातघर वालों की सलाह, दो शिफ्टों में बुलाएं मेहमान
दो सौ मेहमानों की बाध्यता से कारोबारी और बरातघर संचालक दोनों ही परेशान हैं। हालांकि कारोबारियों ने इसका एक रास्ता निकाला है। वे बुकिंग कराने वालों की सलाह दे रहे हैं कि अगर वे दो सौ से ज्यादा मेहमानों को बुलाना चाहते हैं तो उन्हें अलग-अलग समय पर बुलाएं और एक समय पर दो सौ से ज्यादा लोगों की मौजूदगी न होने दें।
क्या कहते है कारोबारी
शासन की गाइडलाइन के हिसाब से दौ सौ लोगों की परमीशन देने की कवायद चल रही है। लॉन बुकिंग करने वाली पार्टी भी उस हिसाब से ही डील कर रही है। इस साल मुनाफा तो दूर की बात है, लागत निकालना भी मुश्किल होगा। - कर्तिक भसीन, बरातघर संचालक
गर्मियों का सहालग समाप्त हो गया है। नवंबर और दिसंबर में गिनी चुनी शादियां हैं। जिन पर नई शादियां के साथ गर्मियों की रुकी शादियां के लिए बुकिंग कराई गई है। हालांकि नए नियमों से खर्च तक निकालना मुश्किल हो रहा है। - विवेक आनंद, कैटर्स
पहली बार ऐसा होगा कि 200 लोगों के बीच में बैंड बाजा बजेगा। हालांकि इस बार 25 नवंबर से 12 दिसंबर तक ही सहालग है। बैंड में खर्च उतना ही हो रहा है। मगर बुकिंग करने वाले लोगों ने रेट कम करना शुरू कर दिए हैं। - अहमद नबी, बैंड संचालक
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