पूरनपुर। चीनी मिल के अधिकारियों ने पेराई सत्र के शुभारंभ की औपचारिकता तो पूरी कर ली लेकिन मिल तीसरे दिन भी नहीं चल सकी। गन्ना लेकर चीनी मिल पहुंचे किसानों का गन्ना शाम तक नहीं तौला गया। ब्वॉयलर में तकनीकी खामी की चर्चा रही। गन्ना ढुलान करने वाले ठेकेदार पिछला बकाया भुगतान न होने पर हड़ताल पर चले गए। ऐसे में चीनी मिल तक क्रय केंद्रों से कैसे गन्ना आएगा, सवाल बना हुआ है। ऐसे में किसान भी असमंजस में हैं।
गन्ने की फसल तहसील क्षेत्र में बहुतायत होती है। गन्ना छह चीनी मिलों को आवंटित किया जाता है। इसके बाद भी किसानों को गन्ना सप्लाई करने में असुविधा होती है। तमाम किसान गन्ना सप्लाई पर्चियां न मिलने पर मजबूरन औने-पौने दामों में गन्ने की बिक्री करते हैं। गन्ने की फसल तैयार होने पर क्षेत्र का गन्ना पेरने वाली अधिकांश चीनी मिलों के पेराई सत्र का शुभारंभ हो चुका है। पूरनपुर चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ भी हवन पूजन के साथ सोमवार को किया गया था। इसके बाद भी बुधवार शाम तक चीनी मिल ने नियमित पेराई शुरू नहीं की। इसके पीछे अफसर चीनी मिल को पर्याप्त गन्ना न मिलने की बात कह रहे हैं।
मिलकर्मियों में चर्चा रही कि चीनी मिल के ब्वॉयलर में कमी है, जिसे दूर नहीं किया जा सका। पेराई सत्र के शुभारंभ के दिन से ही गन्ना ढुलान करने वाले ठेकेदार बकाया भुगतान न होने पर हड़ताल पर चले गए थे। बुधवार को चीनी मिल गन्ना लेकर पहुंचे किसानों का गन्ना नहीं तौला गया। कुछ किसानों ने इसकी शिकायत जीएम से मोबाइल पर की। जीएम ने सीसीओ से बात करने को कहा। किसानों का कहना है कि चीनी मिल में सीसीओ की तैनाती ही नहीं। इस वजह से पूरे दिन गन्ने की तौल होने का इंतजार करना पड़ा।
बुधवार को सीआईसी की बैठक बुलाई गई थी, जो शाम साढ़े पांच बजे तक चली। जीएम ने मिल की खराबी और ठेकेदारों की हड़ताल के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी। यह जरूर आश्वासन दिया कि बृहस्पतिवार को सभी खरीद केंद्रों पर गन्ने की खरीद शुरू करा दी जाए। गुरुवार को गन्ना एकत्र कर चीनी मिल को चला दिया जाएगा। ठेकेदारों की हड़ताल आदि को लेकर जीएम से जानकारी की जाएगी। - जितेंद्र मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी।