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सब कुछ हो गया अनलॉक ..मगर कारोबार अब भी लॉक

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पीलीभीत। केंद्र और राज्य सरकार के आदेश के बाद अब बाजार पूरी तरह से खुल चुका है। लगभग सभी व्यापारिक गतिविधियों को छूट भी मिल चुकी है, मगर शहर का बाजार अब भी पटरी से उतरा हुआ है। व्यापारियों के मुताबिक कोई भी कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में 50 फीसदी से ऊपर नहीं जा पाया है। व्यापारियों को उम्मीद है कि दिवाली तक कारोबार पहले की तरह पटरी पर आ सकेगा और एक बार फिर से अच्छे दिन आएंगे।
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कोरोना महामारी ने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी। कोरोना काल में 70 दिन तो करीब सभी तरह के कारोबार पूरी तरह ठप हो गए। रोजाना करोड़ों का नुकसान तो हुआ ही, अब बाजार खुलने के बाद भी कारोबार पटरी पर नहीं लौट पाया है। एक जून से अनलॉक की घोषणा की गई तो कारोबारियों ने राहत महसूस की। 70 दिन के लॉकडाउन के बाद बाजार में कुछ रौनक भी बढ़ी। दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी, मगर धीरे-धीरे बाजार में कारोबार का ग्राफ फिर लुढ़कने लगा। अब वीकेंड लॉकडाउन भी हटा लिया गया है। बाजार भी पूरी तरह खुला है। साप्ताहिक बंदी को छोड़कर बाकी छह दिन कारोबारी गतिविधियां होने लगी हैं। सभी व्यापारिक गतिविधियों में छूट मिलने पर लॉकडाउन से पूर्व की तरह रोजाना दुकानदार तय समय से दुकान पर बैठते हैं। मगर, बाजार में ग्राहकों का टोटा उनकी मुसीबत बना हुआ है।
चुनिंदा दुकानों में शामिल किराना, मेडिकल समेत कुछ दुकानों पर ही खरीदार दिखते हैं। सराफा, रेडीमेड गारमेंट, कपड़ा, ज्वेलरी, फुटवियर, फर्नीचर आदि की दुकानों पर ग्राहकों की उपस्थिति न के बराबर रहती है। व्यापारियों के मुताबिक कारोबार इतना कम है कि दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह निकाल पाना मुश्किल है। ग्राहक जरूरत भर की चीजें ही खरीदते हैं। लॉकडाउन के बाद ग्राहकों के पास पैसे की कमी आ गई है। वे जरूरी चीजें ही खरीदना चाहते हैं। इसलिए लगभग सभी ट्रेड में सामान्य की तुलना में 50 प्रतिशत से कम कारोबार हो पा रहा है। बाजार पर बीते दिनों कुछ असर पितृ पक्ष का भी दिखा। मान्यता है कि पितृ पक्ष में कुछ नया सामान नहीं खरीदा जाता। इसलिए श्राद्ध पक्ष में लोगों ने न तो नए कपड़े खरीदे, न ही सोना-चांदी या फिर बर्तन वगैरह। पितृ पक्ष के बाद अब व्यापारियों को कुछ उम्मीद है। उनका मानना है कि दिवाली तक कारोबार एक बार फिर से पटरी पर लौट सकेगा।
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बोले व्यापारी:
वीकेंड लॉकडाउन के बाद अब पूरा बाजार खोलने की अनुमति तो मिल गई है, मगर अभी कारोबार बेहद निचले स्तर पर है। रोजाना बमुश्किल 30 से 50 फीसदी ही कारोबार हो पा रहा है। पितृपक्ष के समाप्त होने के बाद कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। -प्रदीप नवरंग, कपड़ा व्यापारी
अनलॉक में पूरा बाजार खुल तो चुका है, मगर कोरोना संक्रमण और पितृपक्ष में 50 फीसदी ही कारोबार हो पाया है। नाममात्र को ग्राहक आ रहे हैं। उम्मीद है कि आने वाले दो माह में कारोबार पटरी पर आ सकेगा। - सजल अग्रवाल, सराफा व्यापारी
कोविड-19 से बाजार की हालत खराब है। बाजार खुलने के बाद भी कारोबार 30 से 40 फीसदी रह गया है। कोरोना के चलते ग्राहक भी घरों से कम निकल रहे हैं, मगर अब धीरे-धीरे कारोबार में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। - सृजन थम्मन, रेडीमेड गारमेंट व्यापारी
बाजार तो खुल चुका है, मगर कोरोना संक्रमण का असर अब भी बाजार पर बना हुआ है। 50 फीसदी ही व्यापार हो पा रहा है। एक-दो माह बाद ही बाजार की स्थिति सुधरने की उम्मीद है। - आशीष आनंद, क्राकरी व्यापारी
कोरोना महामारी में सभी तरह का कारोबार लुढ़का है। पहले लॉकडाउन फिर वीकेंड लॉकडाउन से नुकसान हुआ। फुटवियर मार्केट में तो 25 फीसदी ही कारोबार हो पा रहा है। - नफीस हुसैन, फुटवियर व्यापारी
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