पीलीभीत। कोरोना संक्रमित मिलने के बाद गांधी स्टेडियम रोड पर बनाए गए कंटेन्मेंट जोन में आवाजाही रोकने पर पहले ही सवाल उठ चुके थे। अब इसमें फंसे कुछ रसूखदारों ने खुद की सुविधा के लिए प्रशासन पर इस इलाके में ढील देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कोरोना संक्रमण के खतरे को दरकिनार करते हुए रसूखदारों की ओर से बैरिकेडिंग हटवाने को जुगत भिड़ाई जा रही है।
बीते दिनों गांधी स्टेडियम रोड पर तीन कोरोना संक्रमित मिले थे। इसके बाद यहां का 500 मीटर का इलाका कंटन्मेंट जोन घोषित करके बैरिकेडिंग कर दी गई थी। इसके बाद भी कंटेन्मेंट जोन में कुछ रसूखदारों के निजी दफ्तर और दुकानें खुलती रहीं। आम लोगों की आवाजाही भी नहीं रोकी जा सकी। मगर, कंटेन्मेंट जोन के भीतर फंसे निजी दफ्तरों और अन्य प्रतिष्ठानों को खुलवाने के लिए रसूखदार सक्रिय हो गए। इन लोगों ने अपनी सहूलियत के लिए कोरोना संक्रमण जैसी भयंकर महामारी के खतरे को हलके में लेकर कंटेन्मेंट जोन में ढील दिलाने के रास्ते तलाशने शुरू कर दिए। आम और खास लोगों की लगातार होने वाली आवाजाही से बढ़ते कोरोना संक्रमण के खतरे को अनदेखा किया जा रहा है। इस पर सख्ती कराने के बजाय यह प्रयास किया जा रहा है कि किसी तरह से बैरिकेडिंग हट जाए और वह आसानी से भीड़ में से होते हुए अपने दफ्तर तक पहुंचने लगे। इसके लिए कभी पुलिस तो कभी प्रशासनिक अधिकारियों को दिक्कत गिनाकर अफसरों पर दबाव बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो अभी तक कंटेन्मेंट जोन बनने पर ढील देख प्रशासन की खिंचाई करने से पीछे नहीं हटते थे। अब जब खुद ही उनके प्रतिष्ठान कंटेन्मेंट की जद में आ गए तो उन्हें दिक्कत महसूस होने लगी है। वहीं आसपास के लोगों को इस तरह चल रही आवाजाही से कंटेन्मेंट जोन में संक्रमण का खतरा सता रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कंटेन्मेंट जोन में किसी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी। नियमों का पालन कराने के लिए निगरानी कराई जा रही है। उल्लंघन मिलने वालों पर वह सख्त कार्रवाई कराएंगे।फिर चाहे वह रसूखदार ही क्यों न हों।