पीलीभीत। जनपद में 11 कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद प्रशासन ने देर रात संक्रमित प्रवासियों के चारों गांवों को हॉटस्पॉट बनाने पर मंथन किया। मगर बाद में इन्हें कंटेन्मेंट जोन घोषित करने का निर्णय लिया गया। कंटेन्मेंट जोन में तीन किलोमीटर का क्षेत्र सैनिटाइज किया जाता है। हॉटस्पॉट में प्रभावित हिस्सा ही क्षेत्र रहता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने चारों गांवों में सैनिटाइजेशन का काम तेजी से शुरू करा दिया। मंगलवार से चारो गांवों में एक्टिव केस सर्च अभियान चलाकर डोर टू डोर खांसी-बुखार के मरीज भी तलाशे जाएंगे।
जनपद में प्रवासी श्रमिकों और कामगारों के आने का सिलसिला जारी है। मुंबई से आए प्रसादपुर गांव में छह प्रवासी मजदूर, रानीगंज और मित्रसेनपुर (बंगला) में एक-एक प्रवासी रविवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसे देखते हुए प्रशासन ने प्रसादपुर और रानीगंज को रात में हॉटस्पॉट बनाने का फैसला किया था। मगर, परिस्थितियों को देखते हुए प्रसादपुर, मित्रसेनपुर (बंगला) को कंटेन्मेंट जोन ही बनाया गया। सोमवार को गजरौला कस्बे में भी एक प्रवासी कोरोना संक्रमित पाया गया। इसलिए गजरौला कलां सहराई और गजरौलाकलां मुस्तकिल को भी कंटेन्मेंट जोन घोषित किया गया। ये दोनों गांव सटे हुए हैं। रानीगंज पहले से ही कंटेन्मेंट जोन है, वहां संडई में 13 मई को संक्रमित मिला युवक गया था। संडई के युवक की रिपोर्ट आने के बाद संडई के साथ ही रानीगंज कंटेन्मेंट जोन बना दिए गए थे।
इधर प्रसादपुर और मित्रसेनपुर गांव में रात ही बैरिकेडिंग करके बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई। सोमवार को गजरौलाकलां सहराई और गजरौलां मुस्तकिल में भी प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में बैरीकेडिंग की गई। कंटेन्मेंट जोन बनाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इन गांवों में सैनिटाइजेशन का काम शुरू कर दिया है। मंगलवार से चारों गांवों में एक्टिव केस सर्च अभियान चलाया जाएगा। इसमें आशा वर्कर, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर खांसी व बुखार के मरीजों और बाहर से आने वाले लोगों के बारे में जानकारी लेंगी।
प्रशासन के निर्देशानुसार चारों गांवों को कंटेन्मेंट जोन घोषित किया गया है। इन गांवों में बैरिकेडिंग कर दी गई है। सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है। मंगलवार से एक्टिव केस सर्च अभियान चलाया जाएगा। -डॉ. सीएम चतुर्वेदी, एसीएमओ