लड़खड़ाई चल रही विद्युत व्यवस्था के विरोध में उपभोक्ताओं ने विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर मांगों को लेकर नारेबाजी कर धरना दिया। धरनास्थल पर पहुंचे विधायक के पुत्र ने एसडीओ से वार्ता की। एसडीओ के दस दिन के अंदर समस्या का समाधान कराने के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े फरमान के बाद भी दस हजार की आबादी वाले कस्बे के लोगों के लिए विद्युत व्यवस्था नासूर बनी हुई है। जर्जर बिजली तारों के सहारे यहां रोजाना करीब सात से आठ घंटे ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है। उसमें भी लोगों को लो वोल्टेज आदि समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। समस्या को लेकर उपभोक्ताओं ने एक सप्ताह पूर्व विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन करते हुए सप्ताह भर के अंदर समस्या का समाधान कराने की मांग की थी, लेकिन विभागीय अफसरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। इधर समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। खराब विद्युत व्यवस्था के विरोध में कई उपभोक्ता उपकेंद्र पहुंचे और नारेबाजी कर धरना दिया। धरने के जानकारी पर विधायक बाबूराम पासवान के पुत्र रितुराज पासवान धरना स्थल पर पहुंचे और उपभोक्ताओं से वार्ता की। जिस पर विधायक पुत्र ने एसडीओ से वार्ता की। एसडीओ द्वारा दस दिन के अंदर बिजली व्यवस्था को सुधार कराने के आश्वासन पर उपभोक्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। धरने पर बैठने वालों में मुनेंद्र पाल सिंह, हरदीप सिंह, आनंद पाल गुप्ता, रामौतार, राममूर्ति सिंह, सीताराम, हरीओम, विजयपाल, नितेश कुमार, मदन लाल, जयपाल गुप्ता, बब्लू रस्तोगी, हमीद खां, सुनील, राजेश सिंह, दीपक विश्वास, किस्मत खां समेत कई उपभोक्ता शामिल रहे।