पिछले एक सप्ताह से रेता, बजरी, मोरंग, सरिया आदि की बिक्री दर घटी
पीलीभीत। मानसून की सक्रियता के साथ जिले में भवन निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। लगातार बारिश और नमी के कारण लोग नए मकानों, दुकानों व अन्य निर्माण कार्यों को फिलहाल टाल रहे हैं, जिसका सीधा असर भवन निर्माण सामग्री के कारोबार पर पड़ा है। रेता, बजरी, सरिया, सीमेंट, गिट्टी के व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में बिक्री 40 प्रतिशत से अधिक घट गई है।
बीते सप्ताह जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। दो दिन के लिए मौसम पूरी तरह से नहीं खुल रहा है। रुक-रुक कर बरसात से जिले में चल रहे निर्माण कार्यों के काम थमना शुरू हो गए हैं। नए मकानों की नींव डालने, छत डालने, प्लास्टर व फर्श जैसे कार्यों को लोग मौसम साफ होने तक टाल रहे हैं। इससे भवन निर्माण सामग्री की बिक्री प्रभावित हो गई है। रेता, बजरी, सरिया व सीमेंट के कारोबारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से बिक्री में 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। पहले जहां रोजाना बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री की आपूर्ति होती थी, वहीं अब ऑर्डर काफी कम हो गए हैं। संवाद
व्यापारी चिंतित
रोजाना सौ क्विंटल से अधिक का रेता व गिट्टी का कारोबार होता था, लेकिन इन दिनों काम सिर्फ 60 प्रतिशत रह गया है। मोटे रेते का थोड़ा काम सही है। - अनुराग त्रिपाठी, कारोबारी
जैसे-तैसे माल निकल पा रहा है। दिन में पूरे दिन खाली जा रहा है। निर्माण कार्य हल्के होने से काम हल्का हुआ है। मानसून भर ऐसा ही रहेगा। - इकबाल, कारोबारी