पूरनपुर खटीमा मार्ग पर डगा गांव के निकट बन रही पुलिया। संवाद
माधोटांडा-खटीमा मार्ग बंद, कलीनगर-चितरपुर मार्ग से हो रहा डायवर्जन, उत्तराखंड व तराई जाने वाले वाहन चालकों को लगाना पड़ रहा लंबा चक्कर
कलीनगर। तहसील क्षेत्र में पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर डगा पुल और आसपास की पुलियों के निर्माण कार्य शुरू होने से करीब एक किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके चलते उत्तराखंड और तराई क्षेत्र जाने वाले वाहनों को अब वैकल्पिक मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है। लंबा चक्कर लगाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़े डगा पुल के निकट की पुलिया और खारजा नहर के आसपास की पुलियों के निर्माण का कार्य आखिरकार शुरू हो गया है। इस वजह से खारजा नहर के पुल से डगा पुल तक करीब एक किलोमीटर लंबे मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब पूरनपुर से खटीमा या तराई क्षेत्र की ओर जाने वाले वाहनों को माधोटांडा के पास खारजा नहर से होकर कलीनगर-चितरपुर मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। यहां से वाहन हरदोई ब्रांच नहर के पुल को पार कर अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं।
दरअसल, कुछ महीने पहले सिंचाई विभाग ने हरदोई ब्रांच नहर के डगा पुल में दरार आने की बात कहकर इसे बंद कर दिया था। इसके बाद कलीनगर पुल को भी असुरक्षित बताते हुए आवागमन रोक दिया गया था। इससे क्षेत्रीय लोगों के साथ ही उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में दोपहिया वाहनों को सीमित रूप से अनुमति दे दी गई, लेकिन चार पहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। ऐसे में लोगों को चितरपुर पुल के रास्ते लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ा।
वैकल्पिक मार्गों पर संकेतक न होने से परेशानी
बताया जा रहा है कि डगा पुल के डाउनस्ट्रीम में बनी बड़ी पुलिया दो वर्ष पहले बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई थी। वहीं खारजा नहर के पास भी सड़क कटने और पुलियों के टूटने की समस्या बनी हुई थी। बजट के अभाव में लंबे समय तक कार्य शुरू नहीं हो सका था, लेकिन अब एक पुल और दो पुलियों के निर्माण का काम शुरू किया गया है। हालांकि वैकल्पिक मार्ग पर उचित संकेतक (फ्लेक्स बोर्ड) न होने से राहगीरों को दिक्कतें हो रही हैं। संवाद