शहर के नौगवां चौराहे पर खड़ी बसें। फाइल फोटो।
पीलीभीत। जगह का चयन होने के बाद भी रोडवेज बस अड्डे का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। दो माह पूर्व बजट जारी होने के साथ ही विभाग की ओर से कंपनी का चयन भी कर दिया गया है। इसके बाद भी निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ सकी है। ऐसे में इस वर्ष भी बस अड्डे का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सकेगा।
स्थानीय डिपो से 113 बसें संचालित हो रही हैं। पर्याप्त जगह न होने के कारण नए डिपो के निर्माण के लिए विभागीय स्तर से लंबे समय से पत्राचार किया जा रहा था। अफसरों की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद कई स्थानों पर जगह का चयन किया गया, लेकिन जगह चयनित नहींं हो सकी। इसके बाद करीब पिछले वर्ष शहर के दियूनी केसरपुर में जगह का चयन किया गया। विभागीय स्तर से पत्राचार के बाद मई माह में इसके निर्माण के लिए अफसरों की ओर से 15 करोड़ रुपये का बजट जारी कर देहरादून की एक कंपनी को इसका ठेका दिया गया, लेकिन अब-तक इसके निर्माण कार्य को लेकर कोई भी काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में विभागीय कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
एआरएम प्रांशु पाठक ने बताया कि निर्माण कार्य को लेकर अफसरों से बातचीत की जा रही है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। संवाद
जगह न होने के कारण हाल ही में लौटाई गईं तीन वातानुकूलित बसें
डिपो पर लगातार बसों की संख्या में इजाफा किया जा रहा है। पर्याप्त जगह न होने से बसें डिपो के बाहर सड़कों पर खड़ी की जाती हैं। इससे जाम की स्थिति बनती है। वहीं, हाल ही में डिपो को तीन वातानुकूलित बसें विभाग को दी गईं, लेकिन जगह न होने से इन बसों को मुख्यालय वापस भेज दिया गया।