पीलीभीत। पर्यावरण संरक्षण को लेकर 12 जुलाई को प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। जिलेभर के 7188 चयनित स्थलों पर वन विभाग सहित 26 विभागों के सहयोग से एक ही दिन में 38.83 लाख पौधे रोपे जाएंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
जिले में वर्ष 2026-27 के पौधरोपण महाअभियान के तहत इस वर्ष कुल 40.02 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत 12 जुलाई को होने वाले पौधरोपण महायज्ञ में सबसे बड़ा अभियान चलाया जाएगा। वन विभाग के साथ कृषि, पंचायतीराज, शिक्षा, सिंचाई, लोक निर्माण, नगर निकाय समेत 26 विभागों को अलग-अलग लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।
इससे पहले पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर जिले में 7.12 लाख पौधे लगाए गए थे। वहीं एक से सात जुलाई तक आयोजित वन महोत्सव सप्ताह के दौरान भी तीनों वन रेंजों में व्यापक पौधरोपण किया गया। वन एवं वन्यजीव प्रभाग के अनुसार अब तक करीब 14 लाख पौधे रोपे जा चुके हैं। मुख्य वन संरक्षक एवं पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर पी.पी. सिंह ने बताया कि अभियान के लिए वन एवं वन्यजीव प्रभाग की 17 नर्सरियों में 90 प्रजातियों के 59 लाख से अधिक पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें छायादार, औषधीय, पर्यावरणीय महत्व के साथ फलदार प्रजातियां भी शामिल हैं। शासन के निर्देशानुसार इस बार कुल पौधरोपण का कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सा फलदार पौधों का होगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को प्रत्यक्ष लाभ भी मिल सके। उन्होंने बताया कि पौधरोपण महायज्ञ के बाद भी स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, शिक्षक दिवस सहित विभिन्न राष्ट्रीय अवसरों पर पौधरोपण अभियान जारी रहेगा। इसके अलावा इस वर्ष जिले में अलग-अलग विषयों पर आठ विशिष्ट वन भी विकसित किए जाएंगे, जिनकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वन विभाग ने सभी संबंधित विभागों से निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण कर उसकी निगरानी और संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। संवाद