जांच के बाद प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति की होगी प्रक्रिया
पीलीभीत। जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण के लिए प्रस्तावित करीब 16.35 करोड़ रुपये की परियोजना पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट की इंफ्रास्ट्रक्चर सेल ने प्रमुख सचिव (न्याय एवं विधि) को पत्र भेजकर निर्माण की लागत, तकनीकी विशिष्टताओं और परियोजना की व्यवहारिकता की जांच कराने के बाद आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कहा है।
कोर्ट मैनेजर शशिकांत ने बताया कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मंजीत सिंह श्योराण की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जिला जज पीलीभीत के 25 मई के पत्र के साथ अधिवक्ता चैंबर भवन निर्माण के दो अनुमान भेजे गए थे। इनमें यूपीपीडब्ल्यूडी ने 17.3174 लाख रुपये, जबकि सीएंडडीएस, यूपी जल निगम ने 1634.66 लाख रुपये यानी करीब 16.35 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया है।
करीब 16.35 करोड़ रुपये के अनुमान को सीएंडडीएस, यूपी जल निगम के एडीआर/इंफ्रा (जिला न्यायालय) ने काउंटरसाइन किया है। हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसकी ओर से अभी इस अनुमान का तकनीकी परीक्षण नहीं किया गया है। ऐसे में शासन अपने स्तर से परियोजना की तकनीकी जांच कराने के साथ ही प्रस्तावित कार्य की विशिष्टताओं का परीक्षण करेगा।
जांच के बाद परियोजना को उचित पाए जाने पर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (जे), इंफ्रा./डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स रोहित रघुवंशी ने पत्र की प्रति जिला जज पीलीभीत को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है। संवाद