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Pilibhit News: बजट न होने से 55 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण लटका

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पीलीभीत। मनरेगा में बजट न होने से 55 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण लटक गया है। ऐसे में यहां सरकारी राशन की दुकानों के संचालन की योजना मूर्त रूप नहीं ले पाई है।
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जिले में 75 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण किया जाना है। इनमें से अब तक 20 का निर्माण लगभग पूरा होने को है, लेकिन 55 का निर्माण कार्य मनरेगा में बजट न होने की वजह से अधर में लटका हुआ है।
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से भवनों के निर्माण में पारदर्शिता रखने के लिए निर्माण कार्य मनरेगा के तहत शुरू किया गया है। यहां कोटेदार राशन भंडारण के साथ सीएससी (कम्यूनिटी सर्विस सेंटर) का भी संचालन कर सकेंगे। जिसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिलेगा।
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शासन स्तर से पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय योजना के तहत राशन का वितरण कराया जाता है, जो भी कोटेदार हैं, वह या तो अपने घर, निजी जगह या फिर किराये की दुकान लेकर राशन का वितरण करते हैं। इन दुकानों में इतनी जगह नहीं होती, जहां राशन कार्डधारक सही ढंग से खड़े भी हो सकें।
कार्डधारकों को दुकान के बाहर खड़े होकर ही राशन लेना पड़ता है। इससे उन्हें परेशानी होती है। इसके अलावा कई कोटेदारों की दुकानें संकरी गलियों में होने से वहां तक राशन से भरा ट्रक नहीं पहुंच पाता। इससे कोटेदारों को भी दिक्कत आती है।
इसे देखते हुए ही सरकार की ओर से कोटेदारों को सरकारी भवन मुहैया कराने के आदेश जारी हुए हैं। इसके लिए ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। जिले में 20 भवनों का निर्माण अंतिम चरण में हैं, लेकिन बजट के अभाव में 55 का निर्माण अब भी अधर में लटका हुआ है।

7.83 लाख रुपये आएगा एक भवन के निर्माण पर खर्चा

एक अन्नपूर्णा भवन के निर्माण के लिए शासन की ओर से करीब 7,83000 रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

जुलाई तक आपूर्ति विभाग को किए जाने थे हैंडओवर
जिले में जुलाई तक सभी भवनों का निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद इन्हें जिला आपूर्ति विभाग को हैंडओवर किया जाना था। वर्तमान स्थिति में ऐसा संभव नजर नहीं आ रहा है।

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एक ही छत के नीचे मिलेगा सारा सामान
अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण के बाद एक ही छत के नीचे 40 प्रकार की घरेलू उपयोग की वस्तुएं मिला करेंगी। इसमें पांच किलो के गैस सिलिंडर से लेकर आटा, दाल, चावल, नमक, चीनी, तेल, साबुन आदि सभी वस्तुएं किराने की दुकान की तर्ज पर उपलब्ध रहेंगी।
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बजट न होने से अन्नपूर्णा स्टोर का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। बजट आने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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