फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दावेदारों में आरती, मालती, तुलसी, शोभना शामिल

Mon, 02 Nov 2015 11:53 PM IST
Pilibhit
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य व क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के परिणाम घोषित होने के साथ ही प्रमुख सियासी दलों से जुड़े लोगों ने जिपं अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख पद की कुर्सी हथियाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। सबसे अधिक मारा-मारी जिपं अध्यक्ष पद को लेकर होती दिखाई दे रही है। विजयी उम्मीदवारों में सर्वाधिक सत्ता पक्ष से जुड़े उम्मीदवार ही हैं, इस लिए यहां जिपं अध्यक्ष की कुर्सी पर उसी के बैठने की उम्मीद है जिसे सत्ता पक्ष के नेता चाहेंगे। हालांकि अभी किसी भी सियासी दल ने इस पद के दावेदार के नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन इसके बाद भी सपा विधायक पीतमराम की पुत्र वधू आरती देवी, उनकी अनुज वधू मालती देवी तथा शबनम उर्फ तुलसी तथा शोभना के नाम की चर्चा जोरों पर हैं। ये चारों नाम सपा खेमे के ही हैं।
विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि शबनम उर्फ तुलसी तथा शोभना दोनों के पति स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी रियाज अहमद के काफी करीबियों में गिने जाते हैं। चुनाव के दौरान दोनों को अप्रत्यक्ष रूप से उनका भरपूर सहयोग भी मिला है। उधर, सपा विधायक पीतमराम की अपनी पुत्र वधू आरती देवी को जिपं अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाना चाहते हैं। यही वजह रही कि जिपं अध्यक्ष की कुर्सी अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित होने पर उन्होंने अपने पुत्र डा. महेंद्र की आनन-फानन में कोर्ट मैरिज करा कर उन्हें दो स्थानों से चुनाव मैदान में उतारा। उसमे से वह एक स्थान से चुनाव भी जीत गई हैं। इसके अलावा उनकी अनुज वधू मालती देवी भी चुनाव जीत गई हैं। सपा विधायक पीतमराम उन्हें भी चुनाव लड़ा सकते हैं।

दावेदारों के पहुंचने लगे फोन
जिपं अध्यक्ष पद पर कब्जे को लेकर आतुर दावेदारों व उनसे जुड़े लोगों ने निर्वाचित जिपं सदस्यों पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। फोन की घंटी तो घनघना ही रही है व्यक्तिगत भी संपर्क करने में जुट गए हैं। यही नहीं कुछ तो उनके नाते-रिश्तेदारों तक से संपर्क कर चुके हैं।
विज्ञापन


बात नहीं बनी तो बसपा भी कर सकती दावेदारी
अभी तक जो समीकरण बने हैं उसमे जिपं अध्यक्ष पद के लिए सपा का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है, लेकिन अगर सत्ता पक्ष के नेताओं में आपसी सहमति नहीं बनी तो बसपा, अपने समर्थन से चुनाव जीती मिथलेश कुमारी को भी चुनाव मैदान में उतार सकती है। भाजपा भी यहां फिलहाल वेट एंड वाच की स्थिति में दिखाई दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें