पुलिस कस्टडी में दो युवकों की मौत के बाद आक्रोशित कांग्रेसियों ने जुलूस निकाल कर पुलिस और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में एसपी का पुतला फूंका। कांग्रेसियों ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने और घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखलाक अंसारी के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ता शुक्रवार को नकटादाना चौराहा पर एकत्र हुए। यहां कांग्रेसियों ने पुलिस कस्टडी में दो युवकों की मौत और जिले में बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में नारेबाजी कर एसपी का पुतला फूंका। यहां से कांग्रेसी जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पूरनपुर कोतवाली में दो मुस्लिम युवकों को पुलिस ने पीटकर मार डाला। खुद को बचाने के लिए पुलिस अब उनकी मौत जहर से होने की बात कह रही है। आरोप लगाया कि कोतवाल और पुलिसकर्मियों ने शराब के नशे में दोनों युवकों को बेरहमी से पीटा। इससे उनकी मौत हो गई। पुलिस बचाव में षड़यंत्र रचती जा रही है। ज्ञापन में प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने, घटना की सीबीआई जांच कराने, एसपी को हटाने, मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने और दोषी पुलिसकर्मियों को जेल भेजने की मांग की गई है। पुतला दहन करने वालों में नरेंद्र सिंह, शकील नूरी, अनिल अरोड़ा, प्रदीप मिश्र, लालाराम, प्रीति, पुष्पा, वीरेंद्र रस्तोगी, रामपाल, रईस अहमद, शफी अहमद, विकार अहमद, मजहर अली आदि शामिल रहे।