मंत्री के इशारे पर गड़बड़ी कराने का आरोप
कुमुद गंगवार ने आरोप लगाया कि गन्ना मंत्री संजय गंगवार के दबाव में अधिकारियों और कर्मचारियों के माध्यम से मतदाता सूची में बदलाव कराए गए। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में मंत्री छह हजार से अधिक मतों के अंतर से जीते थे। जिले की चीनी मिलों पर किसानों का भुगतान बकाया होने के कारण गन्ना किसानों में नाराजगी है। ऐसे में चुनाव में इसका असर पड़ने की आशंका के चलते मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी कराई गई।
कई बूथों पर बड़े स्तर पर हेराफेरी का दावा
कांग्रेस नेता ने कई बूथों का ब्योरा देते हुए मतदाता सूची में बदलाव का दावा किया। उनके अनुसार, बूथ संख्या 43 पर 116, बूथ 44 पर 117, बूथ 54 पर 107, बूथ 86 पर 128, बूथ 93 पर 120, बूथ 94 और 95 पर 121-121, बूथ 99 पर 124, बूथ 100 पर 119, बूथ 194 पर 105 और बूथ 227 पर 103 मतदाताओं के नामों में बदलाव होने की शिकायत मिली है। उन्होंने कुछ स्थानों पर मतदाताओं के नाम जोड़ने और अन्य जगह नाम काटने में अनियमितता का भी आरोप लगाया। कुमुद गंगवार ने कहा कि एसआईआर के दौरान संशोधन की प्रक्रिया से सुधार संभव है, लेकिन यदि जानबूझकर गड़बड़ी की गई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
डीएम से एफआईआर और फॉरेंसिक जांच की मांग
कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने जिलाधिकारी को पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने करीब 13,150 मतदाताओं के डाटा में बदलाव, 804 मतदाताओं के नाम काटने और 2,600 नए नाम जोड़ने में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
कुमुद गंगवार ने आरोप लगाया कि 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद सप्लीमेंट्री सूची संख्या दो और तीन को नियमों के विपरीत पोर्टल पर अपलोड किया गया। उन्होंने तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी, ईआरओ/एसडीएम अमरिया और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, लॉगिन आईडी व आईपी एड्रेस की साइबर फॉरेंसिक जांच कराने और जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का मूल सूची से मिलान कराने की मांग की है।
सदर विधायक एवं राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने बताया कि विरोधी दलों के लोगों की उनके खिलाफ यह बेवजह की साजिश है। इस मामले में मुझे और कुछ नहीं कहना है।