मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर जिलाधिकारी ने जांच कराई थी। प्राथमिक जांच में पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी और अमरिया के एसडीएम हेमंत चौधरी को गंभीर लापरवाही का दोषी माना गया। ये दोनों विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पद पर तैनात थे। आयोग ने बुधवार को दोनों उप जिलाधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया था। उन्हें जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वीआरसी के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।
विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई
आयोग की सख्ती के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है। दोनों एसडीएम के खिलाफ अब विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। बता दें कि सपा ने सोमवार को इस मामले में ज्ञापन दिया था। बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद़दे को उठाया। इस मामले में दोनों दलों के नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है।
मतदाता सूची में गड़बड़ी पर सपा-कांग्रेस ने खोला मोर्चा
एसआईआर के बाद मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मामला तूल पकड़ने लगा है। सदर विधानसभा सीट पर वोटों में हेरफेर के आरोप लगाते हुए सपा और कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने 13 हजार से अधिक वोटों में गड़बड़ी और कुल 16 हजार से अधिक वोटों में हेरफेर का आरोप लगाया है। उन्होंने इसके पीछे सत्ता पक्ष के एक मौजूदा विधायक के इशारे पर अधिकारियों के सिंडिकेट के काम करने का दावा किया। मामले में तत्कालीन डीएम की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा।
वहीं, समाजवादी पार्टी ने भी प्रेसवार्ता कर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया। सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां फूल बाबू ने सदर विधानसभा सीट की मतदाता सूची में कथित हेरफेर के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। सपा नेताओं का आरोप है कि सत्ता पक्ष के दबाव में अधिकारियों ने काम किया।
उनका दावा है कि एसआईआर के बाद भी मतदाताओं के ईपीआईसी (वोटर पहचान पत्र) नंबर बदले गए। इसके जरिये बड़े पैमाने पर मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करने की योजना बनाई गई। सपा नेताओं ने पूरे मामले की जांच कराने के साथ मतदाता सूची में गड़बड़ियों को दूर कर सुधार करने की मांग की है।दोनों दलों के आरोपों के बाद सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है।