स्वतंत्र प्रभार मंत्री हाजी रियाज अहमद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 2012 के विधान सभा चुनाव के दौरान पार्टी ने जो भी पांच साल में काम के वादे अपने घोषणापत्र में किए थे उससे कहीं अधिक काम चार साल में ही पूरे कर दिए हैं। इसके अलावा ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्यों के साथ-साथ ब्लाक प्रमुख व जिपं अध्यक्षों को जितना सम्मान सपा सरकार में मिला पहले किसी सरकार ने नहीं दिया। यही वजह है कि विधान परिषद चुनाव में लगभग सभी सीटों पर सपा कब्जा जमाने की स्थिति में है।
प्रधानों, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत व नगर पंचायत सदस्यों की बैठक के बाद शहर के एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस तेजी के साथ विकास हुआ है उससे यह साबित हो गया है कि सपा की करनी व कथनी में कोई फर्क नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों को अपने गांव के लोगों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य कराने का अधिकार भी सपा ने ही दिया है। इससे पहले गांव के विकास का खाका जिला पंचायत तैयार करती थी।
खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने कहा कि पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों का गठन करवा कर प्रदेश सरकार ने गांवों को और मजबूत करने का काम किया है। सत्ता का सच्चे अर्थों में गांव में विकेंद्रीकरण भी सपा ने ही किया है। यही नहीं राजनीतिक दबाव में प्रधानों को अब अधिकारी निलंबित नहीं कर सकेंगे। सपा ने ऐसी व्यवस्था कर प्रधानों को भी निडर व निर्भीक बन कर काम करने का मौका दिया है। दोनों मंत्रियों ने कहा कि विधान परिषद चुनाव में पार्टी प्रत्याशी अमित यादव उर्फ रिंकू की भारी मतों से जीत होगी और पीलीभीत से उन्हें 90 फीसदी वोट मिलेंगे।
इस मौके पर सपा विधायक पीतमराम, विधान परिषद सदस्य पद के सपा प्रत्याशी अमित यादव उर्फ रिंकू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बुद्धसेन वर्मा, सपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्र उर्फ कट्टर, मरौरी ब्लाक प्रमुख अरुण वर्मा, जिला महासचिव तस्लीमशान खां भी मौजूद रहे।
स्वतंत्र प्रभार मंत्री को देनी पड़ी सफाई
प्रेस वार्ता में सपाइयों ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तरह विधान परिषद चुनाव में भी जिले में सपा के सभी नेता एकजुट हैं। इस दौरान पत्रकारों ने पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी के प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद न होने का कारण पूछा तो स्वतंत्र प्रभार मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि वह आज लखनऊ में हैं, 12 घंटे पहले कार्यक्रम फाइनल होने के कारण वह नहीं पहुंच सके। आचार संहिता लागू होने के बाद भी वाहन पर लालबत्ती लगी होने पर जब एक मीडियाकर्मी ने स्वतंत्र प्रभार मंत्री की गाड़ी का फोटो खींचा तो उस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी वाहन पहले ही सरेंडर कर दिए गए हैं। वह निजी वाहन से चल रहे हैं। प्रदेश सरकार में मंत्री हैं लिहाजा वह निजी वाहन पर लाल बत्ती लगा सकते हैं।