पीलीभीत। भगवान श्रीराम व हनुमान के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणियां करने पर यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया।
ज्वालामुखी चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष नीलेश चतुर्वेदी एडवोकेट की ओर से एमपी-एमएलए कोर्ट में दर्ज कराए गए परिवाद में कहा गया कि 23 जून को गाजीपुर जिले में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य ने सार्वजनिक मंच से भगवान श्री राम व राम मंदिर के साथ हनुमान जी के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए अमर्यादित व अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
उन्होंने सार्वजनिक मंच से हनुमान जी के पौराणिक प्रसंगों का मजाक उड़ाते हुए उन्हें आपत्तिजनक शब्द कहकर संबोधित किया। भगवान राम व उनके मंदिर के लिए भी अशोभनीय टिप्पणी की, जो कि सोशल मीडिया समेत टीवी चैनलों पर प्रसारित व वायरल हुई। इससे आहत होकर मां ज्वालामुखी चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष नीलेश चतुर्वेदी ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ एमपीएमएलए कोर्ट में मुकदमा दायर किया है, जिसकी सुनवाई के पश्चात पीठासीन अधिकारी सतीश कुमार ने संज्ञान लेते हुए परिवाद दर्ज किया। मामले में सुनवाई की अग्रिम तिथि 31 जुलाई नीयत की गई है।
हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने भी दिया अपना समर्थन
स्वामी प्रसाद मौर्य के विरुद्ध दायर किए गए परिवाद में अखिल भारत हिंदू महासभा के अध्यक्ष पंकज शर्मा, राष्ट्रीय हनुमान दल के अध्यक्ष अमित गुप्ता व युवा जागृति परिषद के अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने भी उनको अपना समर्थन दिया है। संवाद