पूरनपुर। भाकियू (भानू) की ओर से गांव मुड़िया की जमीन पर किसानों को कब्जा न मिलने के विरोध में तहसील परिसर में 24 जून से चल रहा धरना-प्रदर्शन और तीन दिन से शुरू हुई भूख हड़ताल सोमवार शाम छह बजे तहसीलदार से वार्ता के बाद समाप्त हो गई। पखवाड़ा भर में समस्या का समाधान न होने पर फिर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई।
जेठापुर ग्राम पंचायत के गांव मुड़िया में जमीन पर किसानों को कब्जा न मिलने के विरोध में भाकियू (भानू) की ओर से 24 जून से तहसील परिसर में बेमियादी धरना शुरू किया था। शनिवार से धरना स्थल पर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू हुई। धरना स्थल पर दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठी रेशमा देवी की सोमवार को हालत खराब हो गई। उनके बेहोश होने की सूचना पर सीएचसी से पहुंचे डॉ. हरमन सिंह ने जांच की। प्राथमिक उपचार के बाद रेशमा को जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी पर प्रदर्शनकारियों ने विरोध कर धरना स्थल पर ही इलाज करने का तर्क दिया। हालांकि बाद में रेशमा को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सोमवार को धरना स्थल पर रामबेटी, विद्या देवी, राखी देवी, खुशबू देवी, सुमन ने भूख हड़ताल शुरू की। उनके समर्थन में कई कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। सोमवार शाम छह बजे तहसीलदार आशीष गुप्ता से हुई वार्ता के बाद बेमियादी धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल समाप्त कर दी गई।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष लालू मिश्रा ने बताया कि तहसीलदार ने 15 दिन के अंदर जमीन चिह्नित कराकर किसानों को कब्जा दिलाने का लिखित आश्वासन दिया है। इस पर धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। पखवाड़ा भर में समस्या का समाधान न होने पर फिर आंदोलन शुरू किया जाएगा। संवाद