सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में शुक्रवार को केजीएन फेज टू कॉलोनी के कब्जे वाली जमीन की पैमाइश की गई। पैमाइश के दौरान कालोनी व कुछ खातेदारों के कब्जे में एक एकड़ के आसपास नजूल जमीन मिलने की संभावना तहसील प्रशासन ने व्यक्त की है। प्रशासन ने उस पर सरकारी जमीन होने का बोर्ड लगवा दिया है।
शहर में बन रही कॉलोनियों की जांच में अवैध भराव और सरकारी जमीन का मामला कुछ दिन पूर्व पकड़ में आया है। सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान नकटदाना चौराहा के पास करोड़ों की जमीन पर केजीएन कॉलोनी फेज-2 का कब्जा होना पाया था। कॉलोनी विकसित करने को अवैध भराव करना पाया गया। इस पर कॉलोनाइजर नफीस अहमद अंसारी के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के साथ 20 लाख का जुर्माना लगाया गया था।
इधर शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर तहसीलदार इंद्रकांत द्विवेदी के नेतृत्व में राजस्व टीम ने कालोनी के कब्जे वाली व उसके आसपास की भूमि की राजस्व नक्शे के मुताबिक पैमाइश की। टीम की पैमाइश में करीब एक एकड़ जमीन पर कब्जा होना बताया गया है। राजस्व निरीक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि गाटा संख्या 19/4, 17/2, 9/2 पर कॉलोनाइजर का कब्जा पाया गया है, जबकि गाटा संख्या 18/2, 29/1, 28/2 पर कुछ खातेदार काबिज हैं। जमीन की पैमाइश की जा रही है। पैमाइश के दौरान चिह्नित भूमि पर चूना डालने के साथ ही उस पर सरकारी भूमि का बोर्ड भी लगा दिया गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने नगर पालिका ईओ को भूमि की तूदाबंदी करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान न्यायिक नायब तहसीलदार अरुणमणि त्रिपाठी भी मौजूद रहे। टीम में राजस्व निरीक्षक ओमप्रकाश, छेदालाल, मदनलाल, लेखपाल हरिओम मिश्रा, मान सिंह, जगदीश सिंह, नगरपालिका संपत्ति अधिकारी संतोष कुमार, राजेश श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।
कॉलोनाइजर द्वारा उक्त भूमि पर अवैध कालोनी विकसित की जा रही है। इसका नक्शा पास नहीं कराया गया। गंभीर अपराध यह है कि सरकारी नजूल भूमि पर भी कब्जा कर लिया गया। भूमि की पैमाइश की जा रही है।
- जितेंद्र कुमार शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट