पीलीभीत। चुुनाव करीब आते ही इन दिनों सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और आपत्तिजनक सामग्री शेयर करने की बाढ़ सी आ गई है। पिछले कुछ दिनों में व्हाट्सएप पर एक हजार से ज्यादा ग्रुप सक्रिय हुए हैं। इनपर इसी तरह के पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं। प्रशासन ने एक दो कार्रवाई जरूर की लेकिन शिकायत आने के बाद जबकि सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए एक कमेेटी भी बनाई गई है।
एक पार्टी के पदाधिकारियों ने जब जहानाबाद थाने में सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने की शिकायत की उसके बाद कार्रवाई हुई। यहां सवाल कार्रवाई पर नहीं बल्कि निगरानी व्यवस्था पर खड़ा हो रहा है। एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े व्यक्ति ने बताया कि शहर से लेकर गांव तक कार्यकर्ताओं ने करीब चार सौ व्हाट्सएप गुप बनाए गए हैं। जिनपर सारे मैसेज भेजे जाते हैं। जब उनका ग्रुप देखा तो उसमें कई ऐसे वीडियो और संदेश शेयर किए गए थे जो आपत्तिजनक थे। बोले यह तो सभी पार्टियां कर रहीं। यहां तक विपक्षी दलों के नेताओं को अपशब्द तक कहे जा रहे हैं। अपना चुनावी उल्लू सीधा करने के लिए धार्मिक उन्माद फैलाने तक की बातें की जा रही हैं। सिर्फ व्हाट्सएप ही नहीं बल्कि फेसबुक पर भी ऐसे वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया सेल को इस तरह के ग्रुप पर निगरानी करनी थी, जो की नहीं हो रहा।
ग्रुप के एडमिन के साथ मेंबरों पर भी होगी कार्रवाई
चुनाव के दौरान जिले का माहौल खराब न हो इसके लिए अब प्रशासन सोशल मीडिया की गतिविधियों के मामले में सख्ती बरतने के मूड में हैं। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि अगर किसी व्हाट्सएप ग्रुप पर इस तरह के पोस्ट शेयर किए जाते हैं तो एडमिन भी लपेटे में आएंगे। साथ ही पोस्ट शेयर करने वालों के साथ बाकी मेंबरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
कई ग्रुप में अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल
कई ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप हैं जिनमें कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी जुड़े हुए हैं। विकास भवन के एक अधिकारी भी इस तरह के ग्रुप से जुड़े थे। जब उन्होंने राजनीति से जुड़ेे पोस्ट और उनपर आने वाले कमेंट देखे तो तुरंत ग्रुप छोड़ दिया। बोले कि उनको पता नहीं किसने जोड़ा। उनकी तरह कई अफसर कर्मचारी ऐसे ग्रुप से जुड़े हैं जिनपर धड़ल्ले से भड़काऊ पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं।