गोरक्षपीठ से जुड़े शिव मंदिर में पहुंचे सीएम योगी
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उन्होंने कहा कि छह नवंबर को छोटी दीपावली पर अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन होगा। प्रभु श्रीराम के आगमन की स्मृति में जलने वाला एक-एक दीप केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना को प्रकाशित करेगा। प्रदेश की सांस्कृतिक ऊर्जा देश के विकास में भी योगदान दे रही है।
रामकथा और रामलीला हमारी संस्कृति की पहचान- सीएम
सीएम ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में एकता है। यहां अलग-अलग भाषा, वेशभूषा और खानपान होने के बावजूद सभी एक सूत्र में बंधे हैं। श्रीमद्भागवत और रामकथा की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। फसल कटने के बाद गांव-गांव रामलीला का आयोजन और अखंड रामायण पाठ हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। गांवों के कलाकार मिलकर रामलीला के माध्यम से भगवान राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाते हैं। महर्षि वाल्मीकि ने राम के चरित्र को शब्दों में पिरोकर आने वाली पीढ़ियों को मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन की प्रेरणा दी।
नूरानपुर में सीएम योगी के कार्यक्रम में मौजूद लोग
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काशी से बरेली तक धार्मिक स्थलों का विकास
मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले काशी में एक साथ दस श्रद्धालुओं के लिए भी दर्शन करना मुश्किल था, लेकिन आज हजारों श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर रहे हैं। मथुरा-वृंदावन के विकास, बरेली की नाथ नगरी के रूप में पहचान और लखीमपुर के धार्मिक पर्यटन गलियारे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल पर्यटन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में शामिल होने का उद्देश्य मन से नकारात्मकता दूर करना और सकारात्मक विचारों को जीवन का हिस्सा बनाना होना चाहिए। श्रद्धा व्यक्ति को आत्मिक संतुष्टि देती है और जीवन को सही दिशा दिखाती है।
सीएम के कार्यक्रम के बाद बाहर निकालते साधु-संत
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महंत शांतिनाथ महाराज की यादें साझा कीं
मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत शांतिनाथ महाराज को याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व निराला और फक्कड़ स्वभाव का था। वह वर्ष 1995-96 से यहां रह रहे थे और आश्रम के निर्माण एवं विकास की बात करते थे। पिछले दिनों बरेली दौरे के दौरान भी उन्होंने इस आयोजन की चर्चा की थी। फोन से भी लगातार तैयारियों की जानकारी लेते रहे। आज यहां आकर आध्यात्मिक वातावरण, स्वच्छता और संतों का सानिध्य देखकर मन प्रसन्न हुआ। उन्होंने कहा कि इसी परिसर में महंत शांतिनाथ महाराज की समाधि है। आज उनके नाम पर भंडारा और धार्मिक आयोजन हो रहा है। यह देखकर उनकी आत्मा को भी संतुष्टि मिल रही होगी।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री संजय गंगवार, एमएलसी सुधीर गुप्ता, संजीव प्रताप सिंह, विधायक बाबूराम पासवान, विवेक वर्मा, स्वामी प्रवक्तानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष, आयोजक शंकर जी और महंत हनुमान नाथ महाराज समेत बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी का अभिवादन करते हुए जय श्रीराम का उद्घोष किया।