वेतन
निर्धारण न होने के विरोध में बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिकों ने लेखाधिकारी
का नारेबाजी कर घेराव किया और समस्या का निस्तारण न होने तक लिपिक
कार्यालय में बैठे रहने की बात कही। शाम को लिपिकों के समस्या का समाधान
होने के बाद जाते ही लेखाधिकारी की हालत बिगड़ गई। कर्मचारियों ने उन्हें
जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी एसोसिएशन
के जिलाध्यक्ष शहनवाज आलम के नेतृत्व में तमाम लिपिक बुधवार सुबह
प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वित्त एवं लेखाधिकारी कक्ष में पहुंचे। यहां
लिपिकों ने वेतन निर्धारण न होने के विरोध में नारेबाजी कर लेखाधिकारी
लक्ष्मीकांत का घेराव किया।
लिपिकों ने लेखाधिकारी से समस्या का निस्तारण न
होने तक कार्यालय में ही बैठने रहने की बात कही। इसको लेकर लिपिकों व
लेखाधिकारी में नोकझोंक भी होती रही।
बताते हैं कि शाम पांच बजे
लेखाधिकारी द्वारा वेतन निर्धारण की समस्या का समाधान किया गया, तब कहीं
जाकर लिपिक कार्यालय से बाहर निकले। घेराव करने वालों में महामंत्री भगवान
सिंह, गिरीशचंद्र, अजयपाल सिंह सिंह, विक्रम सिंह, सरिता प्रजापति, महेश
कुमार,जंगबहादुर, प्रमोद गंगवार, भारत भूषण, राजीव रत्न अवस्थी, तिलकराम
आदि मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि 16 लिपिकों का वेतन निर्धारण किया
जाना था। लेखाधिकारी द्वारा नौ लिपिकों का समाधान कर दिया गया है, शेष में
कुछ त्रुटियां है, उनका भी वेतन निर्धारण जल्द करने का आश्वासन दिया गया
है।
पांच बजे बिगड़ी लेखाधिकारी की हालत
लिपिकों के कार्यालय
से जाते ही लेखाधिकारी लक्ष्मीकांत की हालत बिगड़ गई। लेखाधिकारी को उल्टी
करते देख वरिष्ठ लेखा परीक्षक अश्वनी कुमार गौतम और सतीश उन्हें बाइक से
लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर लिया।
उन्होंने चिकित्सक से सीने में दर्द होने की शिकायत की। लेखाधिकारी की हालत
बिगड़ने की सूचना पर बीएसए अंबरीष कुमार यादव समेत तमाम लिपिक व कर्मचारी
अस्पताल पहुंचे और लेखाधिकारी का हाल जाना।
लिपिकों ने किया अभद्र व्यवहार
लिपिक
सुबह करीब साढ़े दस बजे कार्यालय पहुंचे और जबरन कार्य करने को धमकाते
रहे। अभद्र व्यवहार भी किया। शाम पांच बजे तक मुझे घेरे रहे।
- लक्ष्मीकांत, लेखाधिकारी
अभद्र व्यवहार का आरोप निराधार
प्रस्तावित
कार्यक्रम के तहत लिपिक लेखाधिकारी कक्ष पहुुंचे थे। जहां लेखाधिकारी ने
12 बजे तक वेतन निर्धारण की समस्या का समाधान कर दिया। शेष का जल्द समाधान
करने का आश्वासन दिया। अभद्र व्यवहार करने का आरोप निराधार है।
- शहनवाज आलम, जिलाध्यक्ष
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लेखाधिकारी
ने सीने में नीचे की ओर दर्द होने की शिकायत की थी। जांच में मामूली तौर
पर डिप्रेसिव होना पाया गया है। ईसीजी आदि होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो
सकेगी।
- डॉ. मोहम्मद तारिक, चिकित्सक जिला अस्पताल