डीआईजी जीआरपी दलवीर सिंह यादव ने बुधवार को जीआरपी थाने का निरीक्षण कर
सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। थाना परिसर व बैरक में साफ सफाई न मिलने
पर उन्होंने सफाई कराने के निर्देश दिए।
नैनीताल एक्सप्रेस से रेलवे
स्टेशन पहुंचे डीआईजी को गारद ने सलामी दी। उन्होंने सीसीटीएनएस (ऑनलाइन
एफआईआर) के बारे में जानकारी की, जोकि उन्हें दुरुस्त मिली। इसके बाद
उन्होंने कार्यालय, कारागार व माल खाने आदि का बारीकी से निरीक्षण किया।
बैरक के निरीक्षण के दौरान उन्हें कुछ स्थानों पर गंदगी मिली।
इस पर
उन्होंने थाना प्रभारी से स्थानीय रेल अधिकारियों से संपर्क कर व्यवस्थाएं
दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। थाना परिसर में सीवर लाइन खुली मिलने पर
उन्होंने इसे तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रेनों की
संख्या, उसमें जाने वाले एस्कॉर्ट, जवानों व दर्ज एफआईआर की संख्या के बारे
में जानकारी की। साथ ही दर्ज मामलों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश
दिए। इस मौके पर थाना प्रभारी अनंतराम राव, एसआई नेपाल सिंह, संतोष शुक्ला
आदि मौजूद रहे।
अंधेरे में करते रहे निरीक्षण
डीआईजी के
निरीक्षण के दौरान बिजली सप्लाई गुल रही। निरीक्षण के दौरान जनरेटर न चलने
के कारण डीआईजी को अंधेरे में ही कारागार, मालखाने व बैरक का निरीक्षण करना
पड़ा। हालांकि उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया।
क्राइम रोकने को जवानों की सक्रियता जरूरी
निरीक्षण
के बाद हुई प्रेसवार्ता के दौरान डीआईजी दलवीर सिंह यादव ने कहा कि क्राइम
रोकने को जवानों की सक्रियता बेहद जरूरी है। प्रदेश की संचालित की जा रही
करीब 1500 ट्रेनों में से 882 ट्रेनों में जीआरपी एस्कॉर्ट रहता है। क्राइम
की स्थिति पर उन्होंने कहा कि अभी तक 25 प्रतिशत मामलों का खुलासा किया
गया है। जिस दिन यह बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा, क्राइम खुद ब खुद कम हो
जाएगा। उन्होंने थाने को शीघ्र ही एक वाहन और रसोइया उपलब्ध कराने का
आश्वासन दिया।