बीएसए मसऊद अख्तर अंसारी को स्कूलों के निरीक्षण में बच्चों की उपस्थिति कम मिली। शिक्षा का स्तर भी खराब पाया गया। खासपुर जूनियर हाईस्कूल में ड्रेस वितरण न मिलने पर प्रधानाध्यापिका शकुंतला देवी का स्पष्टीकरण तलब किया गया। जमुनिया के प्राथमिक स्कूल में रंगाई पुताई न मिलने, टायलेट का दरवाजा टूटा होने पर प्र्रधानाध्यापक को दस दिन में स्थिति सुधारने की चेतावनी दी गई। इस दौरान बीएसएक के पूछने पर एक स्कूल में कक्षा छह व सात के बच्चे अपना नाम तक नहीं लिख सके।
बताते चलें कि बुधवार को अमर उजाला ने अपने अंक में जिले की बदहाल बेसिक शिक्षा पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए ब बीएसए ने पूरनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद बीएसए ने बताया कि जूनियर हाईस्कूल खासपुर में ड्रेस वितरण नहीं होना पाया गया। जमुनिया के प्राथमिक स्कूल में गंदगी, रंगाई पुताई न होना और टॉयलेट टूटा पाया गया। बच्चों की उपस्थिति चालीस प्रतिशत से कम मिली। उन्होंने बताया कि तीनों स्कूलों में शिक्षा का स्तर भी बहुत खराब मिला। कक्षा छह और सात के बच्चे अपना नाम भी नहीं लिख पाए। उन्होंने बताया कि ड्रेस वितरण न होने पर खासपुर जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापिका शकुंतला देवी का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। स्पष्टीकरण समय से न मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। जमुनिया प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक को दस दिन में स्थिति सुधार लेने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मथना जूनियर हाईस्कूल, देवीपुरा के जूनियर और प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण किया गया।