पीलीभीत। शारदा नदी पार ढकिया क्षेत्र में खेतों पर गए किसान और मजदूर चौतरफा बाढ़ के पानी से घिर गए। इनकी संख्या चार-पांच बताई जा रही है। बाढ़ के पानी से बचाव के लिए किसान अपने-अपने ट्रैक्टर पर सवार हैं। बाढ़ का पानी इतनी तेजी के साथ बह रहा है कि मोटर बोट भी उनके पास तक नहीं पहुंच पा रही है। रेस्क्यू न होने से आक्रोशित लोग पूरनपुर तथा माधोटांडा में सड़क पर उतर आए हैं। प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
रमनगरा निवासी किसान कुलबीर सिंह, सपन सरकार ट्रैक्टर ट्राली से दो मजदूरों के साथ सोमवार दोपहर में शारदा नदी पार ढकिया क्षेत्र में स्थित खेत में पहुंचे। वहां दिन भर काम किया। रात में ट्रैक्टर ट्राली में ही सो गए। बाढ़ का पानी सुबह खेत में चारों ओर था। ट्रैक्टर ट्राली पर सवार होकर भी वहां से निकलना मुश्किल हो गया था। जानकारी पर रेस्क्यू के लिए पीएसी की टीम पहुंची लेकिन पानी का प्रवाह तेज होने से किसानों के पास तक मोटरबोट नहीं पहुंच सकी। किसानों के परिवार वालों को दिन भर रेस्क्यू करने के लिए आश्वासन मिलता रहा। शाम को रेस्क्यू टीम ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद आक्रोश भड़क गया। लोग सड़क पर उतर आए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उन्हें समझाने में लगे थे। यह भी कहा जा रहा था कि एअर लिफ्टिंग के लिए प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन लोग मानने के लिए राजी न थे। उनका कहना था कि दिन भर प्रयास किए गए होते तो यह हालात न होते। रेस्क्यू सुबह से शुरू होना चाहिए था पर दोपहर दो बजे शुरू हो सका। तब तक बाढ़ का पानी बहुत बढ़ गया था। बाढ़ में फंसे कुलबीर सिंह के रिश्तेदार अमर सिंह ने देर रात बताया कि परिजन ट्रैक्टर की छत पर बैठे अपनी जिंदगी के लिए पानी घटने और रेस्क्यू का इंतजार कर रहे हैं। इधर, किसानों की संख्या को लेकर भी प्रशासन के पास पुख्ता जानकारी नहीं है। लेकिन इतनी बात तो साफ हो गई है कि दो स्थानों पर किसान फंसे हुए हैं। संख्या पांच से अधिक भी हो सकती है।