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एएनएम सेंटर और गन्ना क्रय केंद्र खुलवाना प्राथमिकता

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बीसलपुर। ग्राम पंचायत खजुरिया नवीराम का प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर उसकी पहचान है। इस मंदिर में 52 दरवाजे हैं, इसी वजह से इसे 52 दरवाजों वाले मंदिर से भी दूर-दराज तक अलग पहचान मिली हुई है। इस गांव के लोगों की तमाम समस्याएं लंबे समय बाद भी दूर नहीं हो सकी है। इनके समाधान की उम्मीदें ग्रामीणों को नए प्रधान से हैं।
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तहसील मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर स्थित गांव खजुरिया नवीराम की आबादी छह हजार है। 1984 मतदाता हैं, जबकि 70 प्रतिशत लोग साक्षर हैं। गांव के जमींदार नवीराम ने 52 दरवाजों वाला विशाल राधा कृष्ण मंदिर बनवाया था। इसके पास ही उनका किला था। एक सुरंग के रास्ते परिवार की महिलाएं मंदिर पूजा करने जाती थी। किला और सुरंग तो अब नहीं बचे हैं। मगर मंदिर पूरे गांव की पहचान बना हुआ है। हर साल महाशिवरात्रि पर भव्य मेला लगाया जाता है। इसमें जिले से ही नहीं, दूर दराज इलाकों से भी लोग पहुंचते हैं। राधा-कृष्ण के अलावा मंदिर में भगवान शंकर, हनुमान की मूूर्तियां भी हैं। ये मंदिर 15 मीटर से अधिक ऊंचा है। मंदिर की देखभाल की जिम्मेदारी जमींदार नवीराम के वंशज ही संभाल रहे हैं। इस ग्राम पंचायत का एक मजरा कनपरा नाम से भी है। अभी भी इस गांव में सड़क, नाली खड़ंजा समेत कई समस्याएं बनी हुई है। उन पर काम नहीं हो सका है। इस बार पंचायत चुनाव में लज्जावती प्रधान चुनी गई हैं। उनका कहना है कि मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने के साथ ही एएनएम सेंटर और गन्ना क्रय केंद्र भी खुलवाया जाएगा।
ग्राम पंचायत खजुरिया नवीराम
6000 आबादी।
1984 मतदाता।
70 प्रतिशत साक्षर।
प्रमुख समस्याएं-
- जर्जर नाली, सड़क और खड़ंजा।
- झूलते बिजली के तार।
- अवैध कब्जे।
- इंटर कॉलेज का अभाव।
प्रधान की प्राथमिकताएं
- श्रमिकों को मनरेगा के तहत काम दिलाना।
- पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाना।
- एएनएम सेंटर और गन्ना क्रय केंद्र खुलवाना।
- सड़कों का सुधार समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं।
- इंटर कॉलेज के लिए प्रयास।
अभी तक गांव में सिर्फ कक्षा आठ तक पढ़ाई की व्यवस्था है। इंटर कॉलेज न होने से गांव के युवाओं को दूर जाना पड़ता है। इस वजह से कई पढ़ाई से भी वंचित हो जाते हैं। इस पर काम कराया जाए। - रामनाथ वर्मा, ग्रामीण
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स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। कोई बीमार पड़ जाए तो बीसलपुर और बिलसंडा से पहले सरकारी इलाज नहीं मिलता। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बन जाए तो कुछ राहत मिलेगी। प्रधान से इसकी उम्मीद है। - सुमित कुमार, ग्रामीण
गांव की जर्जर सड़के, नाली और खड़ंजे की दिक्कत दूर नहीं हो सकी है। जिससे राहगीरों को दिक्कत होती है इससे गांव पिछड़ा लगता है। इस पर नए प्रधान को काम कराना चाहिए। उनसे काफी उम्मीद भी है। - छोटेलाल ग्रामीण
गांव में बिना भेदभाव विकास कराया जाएगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना प्राथमिकता में रहेगा। गन्ना सेंटर भी खुलवाने पर जोर देंगे। लोगों के विश्वास को टूटने नहीं दिया जाएगा। - लज्जावती, प्रधान
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