पीलीभीत। दो दिन की बारिश में क्रय केंद्रों पर बिकने के लिए पहुंचा और खरीदा जा चुका गेहूं भीग गया था। तीसरे दिन शुक्रवार को ठेकेदार और किसान गेहूं सुखाने में लगे रहे। सूखने के बाद गेहूं को खुले से हटाया भी जाता रहा। वहीं गेहूं खरीद भी शुरू कराई गई। एक तरफ खरीदे गए गेहूं का उठान होता रहा और दूसरी तरफ खरीद। मगर खरीद की गति धीमी ही रही।
बुधवार और बृहस्पतिवार को हुई बारिश में किसानों का बिक्री को क्रय केंद्रों पर लाया गया गेहूं भीग गया था। प्रशासन की ओर से किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हुए थे। किसानों ने जैसे-तैसे खुद ही तिरपाल और पन्नी से ढककर गेहूं भीगने से बचाने का प्रयास किया था। क्रय केंद्र प्रभारी भी खरीदे जा चुके गेहूं को भीगने से बचाने में भी सफल न हो सके थे। शुक्रवार को बारिश रुकी और धूप खिली तो किसानों को राहत हुई। भीग चुके गेहूं को धूप में फैलाकर सुखाया जाता रहा। उधर, केंद्रों पर गेहूं के उठान में भी तेजी लाई गई। किसानों के गेहूं की खरीद भी कराई गई। अधिकारी भी भ्रमण करने में लगे रहे। बिलसंडा के क्रय केंद्रों पर तहसीलदार बीसलपुर ध्रुवनरायन पहुंचे, जबकि बीसलपुर मंडी समिति में एसडीएम ने हालात परखे। डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश झा ने बताया कि बारिश रुकने के बाद शुक्रवार को खरीद शुरू हो गई है। खरीदे गए गेहूं का उठान भी कराया जा रहा है। अभी तक 1.63 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है।
तौल न होने पर एसडीएम ने जताई नाराजगी
बीसलपुर। एसडीएम राकेश गुप्ता ने शुक्रवार को मंडी के राजकीय गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान क्रय केंद्रों पर दो कांटों की बजाए एक कांटे पर तौल कराई जा रही थी। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई और दो-दो कांटों पर एक साथ तौल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में पता चला कि अभी तक 1.40 लाख क्विंटल गेहूं की तौल हो चुकी है। दो कांटों पर तौल कराने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार से इसका पालन भी सख्ती से कराया जाएगा। मंडी गेट पर खड़े गेहूं के 71 ट्रैक्टर ट्रॉलियों को भी भीतर प्रवेश दिलाया गया। अपर विपणन अधिकारी महिपाल सिंह को गेहूं खरीद की निगरानी करने को कहा है। किसान को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।