पीलीभीत/बरखेड़ा। ब्लॉक का निरीक्षण करने के बाद तालाब देखने जा रहे डीएम की नजर आवासीय भवन में सरकारी काम निपटा रहे बाहरी युवकों पर पड़ी तो वह दंग रह गए। पहले आवासीय काम करने पर नाराजगी जताई गई, फिर बाहरी लोगों को अवैध तरीके से काम पर रखने पर फटकार लगाई। दोनों बाहरी युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया। इनमें एक एडीओ समाज कल्याण, तो दूसरा पंचायत सचिव के सरकारी काम निपटा रहा था। दोनों पर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए।
डीएम पुलकित खरे मंगलवार दोपहर एक बजे बरखेड़ा ब्लॉक परिसर में चल रही नामांकन पत्रों की बिक्री की हकीकत परखने पहुंचे थे। सबसे पहले ब्लॉक गेट पर स्थापित की गई कोविड हेल्प डेस्क पर रुके। यहां बिना स्क्रीनिंग और मास्क किसी को प्रवेश न देने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि भीड़ कम रखने के लिए दस-दस करके प्रवेश दिया जाए। बेवजह भीड़ न लगने दें। नामांकन पत्रों की बिक्री की भी जानकारी जुटाई। परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई देखी। कुछ जगह गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। आरक्षण की सूची को देखकर संबंधित दावेदार का जाति प्रमाण और आधार कार्ड चेक करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ब्लॉक के आवासीय परिसर की तरफ स्थित एक तालाब को देखने जा रहे थे। तालाब का सौंदर्यीकरण कराया जाना है। इसी बीच उनकी नजर आवासीय भवन में एडीओ समाज कल्याण नरेंद्र कुमार पर पड़ी। उनके पास एक बाहरी युवक कमरे में बैठा सरकारी काम निपटाने में सहयोग कर रहा था। इसी बीच पंचायत सचिव पूरन सिंह राणा के कमरे से एक अन्य बाहरी युवक ताला लगाकर जाता दिखा। डीएम ने दोनों बाहरी युवकों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सचिव और एडीओ ने उन्हें काम पर रख रखा है। यह सुनकर डीएम नाराज हुए और ब्लॉक के अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। स्पष्ट कहा कि बाहरी लोगों से सरकारी काम नहीं कराया जाएगा। न ही सरकारी काम आवासीय भवन में निपटाए जाएंगे। यही नहीं दोनों बाहरी युवकों को बरखेड़ा पुलिस के हवाले कर दिया। उन पर कार्रवाई कराने के निर्देश एडीओ पंचायत को दिए। फिर तालाब को देेखा और उसका सौंदर्यीकरण कराने को जिम्मेदारी बीडीओ सर्वेश कुमार को दी। डीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दो बाहरी व्यक्ति मिले थे। उन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उधर, प्रभारी निरीक्षक बरखेड़ा वीरेश कुमार का कहना है कि दोनों युवकों को हिरासत में लिया गया है। अगर कोई तहरीर मिलती है, तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।