पीलीभीत। विश्व मौसम दिवस पर जागरूकता गोष्ठी और प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में प्रतिभागियों को मौसम को उत्पन्न और नियंत्रित करने वाले कारकों की जानकारी दी गई।
समाधान विकास समिति विपनेट क्लब की ओर से क्लब कार्यालय में बुधवार को गोष्ठी हुई। एकेडमिक रिसोर्स पर्सन अमित शर्मा ने बताया कि जन्म से लेकर मृत्यु तक हम सदैव मौसम से प्रभावित होते रहते हैं। मौसम के बारे में पूर्वानुमान की निरंतर उत्सुकता बनी रहती है। मौसम को उत्पन्न और नियंत्रित करने वाले कारकों की जानकारी के अभाव के कारण पूर्व में मौसम संबंधी पूर्वानुमान अनेक बार सही नहीं होते थे, लेकिन आज स्थिति भिन्न है। बताया कि किसी स्थान की दिन प्रतिदिन की वायुमंडल की दशा मौसम कहलाता है तथा मौसम के दीर्घकालीन औसत को जलवायु कहते हैं। समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान की 600 से अधिक वेधशालाएं हैं। जहां हर दिन बिना बाधा के घनघोर वर्षा, भीषण ठंड, तूफान और जानलेवा गर्मी के बाद भी पूर्व से समय पर मौसम संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराती हैं। अलग-अलग स्थानों से एकत्र आंकड़े केंद्रीय कार्यालय में आते हैं। जहां सुपर कंप्यूटर द्वारा यह सूचनाएं उपचारित की जाती है। जिससे पूरे देश के मौसम के बारे में सूचनाएं प्रसारित की जाती हैं। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रतिभागियों को बताया गया कि ताप, दाब, आर्द्रता व वायु की गति मौसम का निर्धारण करते हैं। श्रेष्ठ प्रस्तुति पर अभिषेक, तपन और सिद्धार्थ को प्रशस्ति पत्र तथा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।