पीलीभीत। मनरेगा में घोटाले सामने आने के बाद डीएम ने वर्षों से एक स्थान पर जमे कर्मचारियों का कार्यक्षेत्र बदल दिया। तबादला सूची जारी होने के 24 घंटे में नई तैनाती वाले स्थान पर कार्यभार ग्रहण न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। इसकी जिम्मेदारी सीडीओ को दी गई है। अचानक हुए तबादलों से कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) में कई वर्षों से घोटाले होने शिकायतें मिल रही थीं। अगस्त 2020 में शासन स्तर पर हुई शिकायत के बाद जांच में करोड़ों का घोटाला उजागर हुआ था। अमरिया के एपीओ अजय कुमार ने निजी फर्म और फर्जी मस्टर रोल बनाकर करोड़ों का घोटाला किया था। इसमें आरोपी एपीओ और तीन रोजगार सेवक बर्खास्त करने के साथ जेल भेजे गए थे। पिछले महीने माधोटांडा के रोजगार सेवक इस्लामुद्दीन खां, पूरनपुर के तकनीकी सहायक राजीव भारती और भगवान सिंह के फर्म बनाकर घोटाला करने का मामला सामने आया था। इन तीनों को बर्खास्त किया गया और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा 1100 से अधिक फर्म बिना जीएसटी पंजीकरण के काम करती मिलीं। कई अन्य बड़े मामलों की जांच चल रही है। इसके पीछे वर्षों से एक स्थान पर जमे कर्मचारियों की मिलीभगत माना गया। इस पर डीएम पुलकित खरे ने सख्त रुख अपनाते हुए एपीओ, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखा सहायक, तकनीकी सहायक आदि पदों पर तैनात कर्मचारियों को इधर-उधर कर दिया।
इन कर्मचारियों का बदला कार्य क्षेत्र
सीडीओ श्रीनिवास मिश्र की ओर से जारी तबादला सूची में 24 तकनीकी सहायक, दो एपीओ, सात कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं। इनमें तकनीकी सहायक देश दीपक गंगवार, सौरभ कुमार, अश्वनी राठौर, पंकज बाबू, मनीष प्रजापति, नवी मोहम्मद को पूरनपुर, सुनील कुमार सक्सेना, यशवीर सिंह, प्रमोद कुमार बीसलपुर, नेतराम, पोथीराम, श्याम बिहारी, भारत सिंह, दीनदयाल, अरुण कुमार मिश्रा, कुलदीप कुमार गौतम, अफजल अली कादरी, इंद्रजीत, दान सिंह राणा, अरशद मलिक, मोहम्मद कयूम, मोहम्मद अजहर, उलफत अलीम, शत्रुघ्न प्रसाद हैं। एपीओ (अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी) आदर्श कुमार वर्मा को बिलसांडा से मरौरी, अंकित भागवत को मरौरी से बिलसंडा भेजा है। कंप्यूटर ऑपरेटर ओमकार को बीसलपुर, शिवानी सक्सेना को ललौरीखेड़ा, तिलकराज पंत बरखेड़ा, अमित वर्मा पूरनपुर, राजीव कुमार अमरिया, ममता को मरौरी और आशूतोष कुमार को बिलसंडा ब्लॉक भेजा गया है।
मनरेगा कर्मचारी सालों से एक ही स्थान पर जमे थे। उनकी सूची तैयार कराने के बाद कार्य क्षेत्र बदला गया है। आदेश जारी होने के 24 घंटे में नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया तो संबंधित पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - पुलकित खरे, डीएम