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बर्थ-डे पार्टी में जेल अधीक्षक का हार्टअटैक से निधन

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पीलीभीत। बर्थ डे पार्टी में शामिल होने पहुंचे जेल अधीक्षक अनूप मानव शास्त्री को हार्ट अटैक पड़ गया। वहां अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें वहां से बरेली रेफर कर दिया। रास्ते में उनकी मौत हो गई। जेल अधीक्षक की अचानक मौत होने से प्रशासन और पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ पड़ी। सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहने की वजह से शहर के तमाम प्रतिष्ठित लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर जेल अधीक्षक की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की। जेल अधीक्षक को सलामी देने के बाद उनका पार्थिव शरीर गृह जनपद इटावा भेजा गया।
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इटावा जिले की फ्रेंडस कॉलोनी निवासी अनूप मानव शास्त्री जिला जेल में अधीक्षक के पद पर तैनात थे। उन्होंने 22 जून 2016 को अपना कार्यभार ग्रहण किया था। रविवार शाम वह शहर के एक होटल में भूमि संरक्षण अधिकारी की बेटी की बर्थ डे पार्टी में शामिल होने गए थे। पार्टी में हंसी मजाक चल रहा था। तभी अचानक उनके सीने में दर्द उठने लगा। इस पर उन्हें तत्काल शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने चेकअप करने के बाद हार्टअटैक पड़ने की जानकारी दी। तत्काल उन्हें आनन-फानन में बरेली रेफर कर दिया गया। रास्ते में उनकी मौत हो गई। जेल अधीक्षक की मौत की जानकारी मिलते ही उनके परिवार वाले भी सुबह तक पीलीभीत पहुंच गए। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें अंतिम सलामी दी गई। अंतिम विदाई में डीएम पुलकित खरे, एसपी जयप्रकाश, सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार, एसडीएम अविनाश मौर्या समेत कई अफसर शामिल हुए। सभी अफसरों ने अचानक मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की। कोरोना काल में अनूप मानव शास्त्री की पहल पर ही जेल में मास्क, श्रीजन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के परिधान और रक्षाबंधन पर कैदियों द्वारा राखी बनाने की अनूठी पहल शुरू की गई थी। वह जिंदादिल अफसर थे। सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहते थे। इसलिए प्रशासन और पुलिस अफसरों के शहर के गणमान्य लोगों ने भी उनकी अचानक मौत दुख जताया। जेल अधीक्षक ने एक सांग भी गाया था। उस गाने के बोल थे..चिड़ियों की दुआएं... यह वीडियो बनाने के बाद वह बेहद लोकप्रिय हो गए थे। जेल अधीक्षक अनूप मानव शास्त्री सामाजिक कामों में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते थे।
बेटी को प्यार से बुलाते थे चिड़िया
जेल अधीक्षक अनूप मानव शास्त्री की मौत से उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचा है। उनके परिवार में सिर्फ उनकी पत्नी शिवानी और पांच साल की बेटी अवनी है। जेल अधीक्षक बेटी अवनी से बेहद प्यार करते थे। उसे प्यार से चिड़िया बुलाते थे। इसलिए उन्होंने सांग भी गाया था। मौत के बाद उनका हंसता खेलता परिवार उजड़ गया।
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सांसद वरुण गांधी ने जताया शोक
जेल अधीक्षक अनूप मानव शास्त्री की मौत पर सांसद वरुण गांधी ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जेल अधीक्षक के अंदर सरकारी सेवा में रहते हुए समाजसेवा करने का भी जज्बा था। उन्होंने कैदियों का जीवन ही नहीं बदला बल्कि उन्हें सच्चाई के रास्ते पर चलने की राह भी दिखाई। उन्होंने जेल मेें कई सोशल वर्क भी शुरू कराए।
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