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चांदूपुर में गन्ने के खेत में छिपा बाघ, वन कर्मियों ने जाल लगाकर की घेराबंदी

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पीलीभीत। जंगल से दूर चहलकदमी कर रहे बाघों की रोकथाम के लिए भले ही अफसर तमाम दावे कर रहे हों, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते स्थिति सुधर नहीं रही है। बाघ जंगल से कई किमी दूर तक चहलकदमी कर रहे हैं। अधिकांश इलाकों में जंगल से बाहर बाघों की मौजूदगी से किसानों में दहशत है। रविवार को माधोटांडा क्षेत्र के बराही और चांदूपुर गांव की सीमा में बाघों की मौजूदगी के चलते खलबली मची रही।
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चांदूपुर में दिखा बाघ, ग्रामीण ने तालाब में कूदकर बचाई जान
माधोटांडा। महोफ रेंज के जंगल से बाहर निकला बाघ रविवार सुबह चांदूपुर गांव की सीमा में पहुंच गया। यहां खेत के निकट तालाब में पल रही मछलियों को देखने पहुंचे ग्रामीण सोनू की नजर गन्ने के खेत से निकले बाघ पर पड़ी तो डर की वजह से उसके रोंगटे खड़े हो गए। वह जान बचाने के लिए तालाब में कूद गया और बमुश्किल गांव तक पहुंचा। उसके सूचना देने के करीब तीन घंटे बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे और बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए। इसके बाद गन्ने के खेत के चारो ओर जाल लगाकर घेराबंदी की। गन्ने के खेत में बाघ होने की खबर लगते ही एसडीएम कलीनगर हरिओम शर्मा, वन एवं वन्यजीव के प्रभागीय निदेशक संजीव कुमार, एसडीओ प्रवीण खरे समेत अफसर मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ती देख माधोटांडा पुलिस को भी बुला लिया गया।
ग्रामीण सोनू ने बताया कि वह गांव के बाहर एक तालाब में मछली पालन कर रहा है। रविवार सुबह करीब सात बजे वह मछलियों को दाना डालने के लिए तालाब पर गया। तभी उसे गन्ने के खेत में किसी जानवर के होने की आहट हुई। वह कुछ समझ पाता इससे पहले गन्ने की फसल के अंदर से बाघ निकलता दिखा। वह जान बचाने के लिए तालाब में कूद गया और दूसरे छोर से बाहर निकलने के बाद दौड़कर गांव पहुंचा। फिर उसने बाघ होने की जानकारी यूपी 100 पुलिस और वन विभाग के अफसरों को दी। ग्रामीण के मुताबिक करीब दस बजे बराही व पूरनपुर के वन एवं वन्यजीव रेंजर टीम के साथ मौके पर पहुंची और बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए। अफसरों के निर्देश पर जाल लगाकर गन्ने के खेत की घेराबंदी की गई। वहीं करीब एक घंटे बाद एसडीएम, डीएफओ, एसडीओ समेत अफसर मौके पर पहुंच गए। भीड़ को काबू करने के लिए माधोटांडा इंस्पेक्टर केके तिवारी भी पुलिस के साथ मौजूद रहे।
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संसाधनों को लेकर परेशान दिखे वन कर्मी
बाघ के गन्ने के खेत में होने की सूचना के तीन घंटे बाद विभाग की टीम मौके पर तो पहुंच गई। बाघ के पगचिह्न ट्रेस करने के बाद गन्ने के खेत की घेराबंदी करने की योजना बनाई गई। गन्ने का दायरा करीब ढाई एकड़ होने से टीम के पास मौजूद जाल छोटा पड़ गया। इस पर अन्य कई रेंजों से जाल मंगवाया गया। इससे घेराबंदी करने में काफी देर लगी।

भीड़ को कंट्रोल करने में नाकाम दिखी पुलिस
गन्ने के खेत में बाघ होने की खबर फैलते ही चांदूपुर समेत आसपास गांवों के लोग मौके पर जुटने लगे और कुछ ही देर में भारी भीड़ जमा हो गई। गन्ने के जिस में बाघ होना बताई जा रहा है, उसके बिल्कुल नजदीक दूसरे खेत में भीड़ जमा थी। उस वक्त तक गन्ने के खेत की घेराबंदी भी नहीं की गई थी। मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर केके तिवारी और उनके साथ पहुंचे पुलिस वाले भीड़ को नहीं रोक पाए। इससे अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। वहां मौजूद एसडीएम ने भीड़ को गन्ने के खेत से दूर खदेड़ा।

ड्रोन कैमरा से नहीं मिल सकी लोकेशन
बाघ की मौजूदगी की सूचना के बाद ड्रोन कैमरे का काफी देर तक इंतजार किया गया। दोपहर करीब 11:30 बजे के बाद विभागीय टीम ड्रोन कैमरा लेकर पहुंची। इसके बाद गन्ने के खेत के ऊपर कैमरा घुमाया गया, लेकिन बाघ की लोकेशन नहीं मिल सकी। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बाघ यहां से आगे की ओर निकल गया।

पिछले साल चांदूपुर में एक महिला को बनाया था निवाला
पिछले साल पांच मार्च चांदूपुर गांव निवासी महिला गिरजा देवी को गन्ने के खेत से निकले बाघ ने निवाला बना लिया था। इसके बाद बाघ की घेराबंदी कर ट्रैंकुलाइज कर पिंजरे में कैद किया गया था। इधर, एक बार फिर गांव की सीमा में बाघ की मौजूदगी के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

पांच किमी दूर है जंगल, आफत बन रहे बाघ
चांदूपुर गांव की सीमा से माला रेंज के जंगल की सीमा करीब पांच किमी दूर है। जंगल से चांदूपुर तक गन्ने की फसल अधिक है। ऐसे में बाघ की लोकेशन ट्रेस करना भी विभाग के लिए चुनौती माना जा रहा है। स्कूली बच्चे खेतों के रास्ते आते जाते है। ऐसे में बाघ को जंगल की ओर वापस करने में विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
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