पीलीभीत। कीरतपुर जौनपुर गांव में सील किए गए धार्मिक स्थल के ताले खोलकर वहां रिसीवर बैठाने मशक्कत गुरुवार को पूरे दिन चलती रही। विवाद न हो, इस लिए पुलिस बुला ली गई थी। मगर निशान साहिब लगाने की जिद को लेकर धार्मिक स्थल के ताले नहीं खोले जा सके। अब शुक्रवार को रिसीवर बैठाया जाएगा।
कीतरपुर जैनपुर में एक धार्मिक स्थल को लेकर सिख समुदाय के दो पक्षों में विवाद है। धार्मिक स्थल में श्री गुरुग्रंथ साहिब को भी विराजमान कराया गया था। मगर निशान साहिब नहीं लगा था। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि जिस स्थान पर निशान साहिब नहीं लगा होता वहां श्री गुरुग्रंथ साहिब को विराजमान नहीं कराया जा सकता है। बाद में श्री गुरुग्रंथ साहिब को नानकमता गुरुद्वारा पहुंचा दिया गया था। विवाद पर 30 अगस्त 2018 को भवन को सील कर दिया गया। नायब तहसीलदार अनुराग सिंह को रिसीवर बनाया गया। एक पक्ष ने उच्च न्यायालय की शरण ली। इस पर कोर्ट ने एसडीएम को सिख समुदाय का रिसीवर और ग्रंथी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। मामला एसडीएम कोर्ट में चल ही रहा था कि इस दौरान तीन सितंबर को बलजीत सिंह ने अपने पक्ष के लोगों के साथ धार्मिक स्थल में लगे सरकारी तालों को तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया। सामान खुर्दबुर्द किया और तोड़फोड़ की कुछ सामान चोरी कर लिया। इसकी भनक लगने पर दूसरे पक्ष के सैकड़ों लोग मौके पर एकत्र हुए थे। तनाव को लेकर कई थानों की पुलिस, एडीएम और अन्य अफसर मौके पर पहुंचे थे। भवन में घुसे लोगों को भारी मशक्कत के बाद पुलिस प्रशासन ने निकालकर भवन को दुबारा सील किया गया था। इससे पहले पुलिस, प्रशासन की टीम को घेरने का प्रयास किया गया। महिला कांस्टेबल की पिटाई कर दी गई थी। कोतवाली पुलिस ने नायब तहसीलदार/रिसीवर अनुराग सिंह की ओर से बलजीत सिंह, रणजीत सिंह, हरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, बलजीत सिंह की मां और 45 सिख और 15 महिलाओं के खिलाफ बलबा, सरकारी कार्य में बाधा, चोरी, तोड़फोड़, अभद्रता करने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। दस दिन पहले एसडीएम कोर्ट में चल रहे मामले का निस्तारण हो गया। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने धार्मिक स्थल का रिसीवर नगर के गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के प्रधान को नियुक्त किया। बृहस्पतिवार को रिसीवर को धार्मिक स्थल सुपूदर्गी में देने की तिथि तय की गई थी। विवाद न हो, इसके लिए सर्किल के थानों की पुलिस भी बुला ली गई। धार्मिक स्थल के समीप लोगों की भीड़ लगी। एसडीएम कार्यालय में घंटों धार्मिक स्थल को लेकर मंथन किया जाता रहा। एसडीएम ने बताया कि एक पक्ष के लोग धार्मिक स्थल पर निशान साहिब लगाने की बात कह रहे थे, लेकिन विवाद से पहले धार्मिक स्थल पर निशान साहिब नहीं लगा था। विवाद की स्थिति न बने। इसको लेकर धार्मिक स्थल बृहस्पतिवार को रिसीवर की सुपूदर्गी में नहीं दिया जा सका। शुक्रवार को धार्मिक स्थल के ताले खुलवाकर रिसीवर को सुपुर्द किया जाएगा