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विभाग का नहीं मिला साथ तो हाथियों को ग्रामीणों ने खुद खदेड़ा

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पीलीभीत। शारदा नदी के पार नेपाली हाथियों का उत्पात कम होने का नाम नहीं ले रहा है। विभाग की ओर से रोकथाम के कोई प्रयास न करने से फसल के नुकसान का दायरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों ने अब स्वयं ही खतरा उठाकर हाथियों को खदेड़ना शुरू कर दिया है। रात होते ही हाथियों की दस्तक की भनक लगते ही ग्रामीण ट्रैक्टरों को पास ले जाकर रौशनी व आवाज से खदेड़ने में जुटे हैं। ऐसे में ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ हाथियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। मंगलवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव के निकट पहुंचे हाथियों को ग्रामीणों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद खदेड़ दिया।
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बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार नेपाल से आए दो हाथियों को एक माह पूर्व से उत्पात जारी है। लग्गा भग्गा के जंगल में शरण लिए हाथी रात होते ही ढकिया ताल्लुके महाराजपुर व गोरख डिब्बी गांव की सीमा में दस्तक देकर किसानों की फसलें रौंद रहे हैं। दो पूर्व तो हाथियों ने करीब छह किसानों की झोंपड़ी, अनाज व सौर ऊर्जा की लाइटें भी तहस-नहस कर दी थी। ग्रामीणों के प्रयास के बाद हाथी गांव की ओर नहीं आए, लेकिन फसलों का नुकसान लगातार जारी है। इधर धान की फसल पकने लगी हैं। जिसके चलते फसलों को बचाने के लिए ग्रामीण अब स्वयं ही खतरा उठाने पर मजबूर हो रहे हैं। मंगलवार रात ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में पहुंचे हाथियों की दस्तक की जानकारी लगते ही ग्रामीण ट्रैक्टर पर सवार होकर पास पहुंचे और आवाज व रोशनी के सहारे करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाथियों को खदेड़ा। ऐसे में विभागीय उदासीनता के चलते हाथियों को खदेड़ने का जोखिम उठा रहे ग्रामीण के हाथियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है। क्योंकि ग्रामीणों में आक्रोश भी पनप रहा है। रेंजर दिनेश कुमार गोयल ने बताया कि हाथियों की लग्गा भग्गा वन चौकी के वनकर्मियों को हाथियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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