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पुलिस ने हिरासत में लिया संदिग्ध, रिश्तेदार ने कर दिया हंगामा

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पीलीभीत। अमन हत्याकांड में पुलिस नामजद आरोपी उसकी चाची से पूछताछ के बाद एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में लेने के बाद पुलिस का विरोध हो गया। संदिग्ध के रिश्तेदार भाजपा नेता ने थाने पहुंचकर पुलिस पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस को बैकफुट पर आ गई। विरोध के चलते पुलिस ने संदिग्ध को छोड़ दिया गया। उससे पूछताछ भी पूरी नहीं हो सकी।
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सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के पिपरा वाले नंबर दो गांव निवासी बनवारी लाल के 19 वर्षीय पुत्र अमन की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। 27 अगस्त की शाम उसका शव अपने चाचा चंद्रिका प्रसाद के मकान में मिला था। पिता ने मृतक की चाची गीता देवी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस घटना की पड़ताल कर रही है। नामजद हत्या आरोपी महिला से कई बार पुलिस पूछताछ कर चुकी है। कई दिनों से एक अन्य करीबी का नाम संदिग्ध के तौर पर सामने आ रहा था। सोमवार को पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। तभी उसके रिश्तेदार और भाजपा के एक नेता साथियों संग थाने जा पहुंचे। उन्होंने सुनगढ़ी पुलिस पर मारपीट करने और फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया, जिससे पुलिस ढीली पड़ गई। पुलिस का कहना था कि संदिग्ध को पूछताछ के लिए लाया गया है। बिना साक्ष्य किसी को जेल नहीं भेजा जाएगा। हालांकि दबाव में कुछ देर बाद ही पुलिस ने संदिग्ध को छोड़ दिया। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी जय कुमार का कहना था कि किसी तरह की मारपीट नहीं की गई केवल पूछताछ की जा रही थी। उधर, एसपी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि अमन की हत्या के मामले कार्रवाई अंतिम चरण में है। पूछताछ के लिए नामजद आरोपी और एक अन्य व्यक्ति को थाने लाया गया था। किसी तरह का दबाव पुलिस पर नहीं है। घटना का साक्ष्य के आधार पर जल्द खुलासा किया जाएगा।
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