पीलीभीत। जिले के सभी 1980 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सोमवार को ममता दिवस को बाल सुपोषण उत्सव के रूप में मनाया गया। केंद्रों पर बच्चों को विभिन्न व्यंजनों का सामूहिक भोज कराया गया। वहीं पर माताओं को कम से कम छह माह तक स्तनपान कराने तथा छह माह बाद बच्चों को पूरक आहार देने का तौर-तरीका भी बताया गया।
मरौरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत फुलहर आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा ने कहा कि माताएं अपने बच्चों को कम से कम छह माह तक स्तनपान कराएं। छह माह बाद बच्चों को ऊपरी आहार (पूरक आहार) दें। ऊपरी आहार सफाई से घर का बना मसला और गाढ़ा आहार होना चाहिए। जैसे कद्दू, लौकी, गाजर, पालक, दाल भी पूरक आहार में शामिल किया जाए। बच्चों को खाने में ऊपर से एक चम्मच घी या मक्खन भी मिलाएं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं से कहा कि वे गर्भावस्था में आयरन युक्त पौष्टिक आहार लें। सीडीपीओ निशी मिश्रा ने कहा कि ममता दिवस का मुख्य उद्देश्य पोषण संबंधी जानकारी देकर कुपोषण को खत्म करना है।