पीलीभीत। ग्राम पंचायत नवादा महेश में विकास कार्यों के नाम पर हुए घोटाले की जांच में प्रधान को बचाने में अफसर खेल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जांच अधिकारी डीएम की सख्ती के बाद भी उनके आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। जांच को प्राथमिक विद्यालय पहुंचे डीपीआरओ एक बार फिर खानापूरी कर टीम के साथ लौट गए। इधर, शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन पर प्रधान की शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
बरखेड़ा की ग्राम पंचायत नवादा महेश में विकास कार्यों के नाम पर लाखों का गोलमाल किया गया। शौचालय, प्रधानमंत्री आवास, खड़ंजा नालियों के निर्माण में गड़बड़ी की गई। करीब एक साल पूर्व ग्रामीण तेजपाल ने प्रधान और सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम पोर्टल और तत्कालीन डीएम से शिकायत की थी। इसके बाद डीपीआरओ पीके यादव तीन सदस्यीय टीम के साथ गांव जांच को पहुंचे थे। यहां जांच के दौरान डीपीआरओ के सामने ही प्रधान पक्ष शिकायतकर्ता पर हमलावर हो गया। मारपीट होने पर कार्रवाई करने के बजाय डीपीआरओ टीम सहित वापस लौट आए। इसके बाद दो बार और टीम गांव जांच को पहुंची, लेकिन बाद में प्रधान की ओर से कराई गई पैरवी पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इधर, पिछले दिनों जिला पंचायती राज कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने मामला संज्ञान में आने पर डीपीआरओ को फटकार लगाते हुए तत्काल जांच पूर्ण कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसका नतीजा यह रहा कि डीपीआरओ पीके यादव दो दिन पूर्व जांच टीम के साथ गांव पहुंचे, लेकिन प्रधान पक्ष को बचाते हुए शिकायतकर्ता की कमियां गिनाने लगे। जांच के नाम पर सिर्फ रस्मअदायगी निभा कर टीम वापस लौट गई। डीएम वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि ग्राम पंचायत नवादा महेश का मामला गंभीर है। डीपीआरओ को इस प्रकरण को लेकर सख्त निर्देश दिए गए थे। जांच में क्या मिला इसकी जानकारी कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। प्रधान अगर दोषी मिलेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।