पूरनपुर। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने पर शुक्रवार को कटान की गति तो धीमी रही, लेकिन अब बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कटान रोकने के लिए रात में भी बचाव कार्य जारी रखने के डीएम के निर्देशों का बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग के अफसर पालन नहीं कर रहे हैं। इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार को डीएम ने बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग के अफसरों की जमकर क्लास ली। बांबो क्रेट के पर्याप्त संख्या में तैयार न होने पर कटान रोकने में मुश्किल आ रही है। शुक्रवार को स्वास्थ्य और पशु पालन विभाग की टीम भी राहुलनगर पहुंची।
शारदा नदी में जलस्तर कम होने पर भू कटान बढ़ जाता है। जलस्तर बढ़ने पर कटान नहीं होता। शुक्रवार को शारदा का जलस्तर बढ़ गया। इससे गांव राहुलनगर के समीप हो रहा कटान धीमा पड़ गया। हालांकि अब लोगों को बाढ़ की आशंका सताने लगी है। राहुलनगर के समीप तेजी से हो रहे कटान पर डीएम ने लगातार दो दिन राहुलनगर पहुंचकर स्थिति देखी और बाढ़ व सिंचाई विभाग के अफसरों को रात में भी बचाव कार्य कराने के निर्देश दिए। तीन सितंबर को डीएम वैभव श्रीवास्तव ने रात में बचाव कार्य कराया। अगले दिन डीएम ने रात को भी बचाव कार्य कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनके निर्देश को नजरअंदाज कर दिया गया। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने शुक्रवार को बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग के अफसरों से नाराजगी व्यक्त की। साथ ही रात में भी तेजी से बचाव कार्य कराने के निर्देश दिए। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने बताया कि बचाव कार्य करवाए जा रहे हैं। कटान की गति धीमी हुई है, लेकिन कटान पूरी तरह से नहीं रुका है। कृषि भूमि भी कट रही है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त बांबो क्रेट बाढ़ खंड वाले तैयार नहीं करवा पा रहे हैं। कटान रोकने के लिए 30-35 बांबो क्रेट लगेंगी, जबकि अब तक मात्र तीन बांबो क्रेट ही बाढ़ खंड वालों की ओर से उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों को संक्रामक रोगों और पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए शुक्रवार को स्वास्थ्य और पशु पालन विभाग की टीमों को बुलाया गया।