पीलीभीत। शहर में करीब चार साल पहले वृहद स्तर पर अतिक्रमण हटाकर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद शुरू की गई थी। उस दौरान विकास के लंबे चौड़े वायदे किए गए थे, लेकिन अभी तक ढाई लाख की आबादी वाले इस शहर में विकास की बात तो दूर लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल सकी, जिनकी उन्हें दरकार है। टूटी-फूटी सड़कों और जर्जर नालियों की मरम्मत को ही विकास का नाम दे दिया जाता है। जनप्रतिनिधि भी इस मामले में कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
स्थाई डलावघर तो मिला पर नहीं हो रहा कूड़े का निस्तारण
शहर के कूड़ा निस्तारण को स्थाई डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई। कुछ दिन वहां कूड़ा ले भी जाया गया, लेकिन बरसात में रास्ता खराब होने के बाद कूड़ा पुन: देवहा नदी किनारे डाला जाने लगा। रविवार को भी शहर के खुले कचराघरों में कूड़ा सड़ता देखा गया।
पार्किंग के नाम पर भी कुछ नहीं
शहर के बाहर या भीतर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग अपने वाहन सड़कों के किनारे ही खड़े करते हैं। इससे शहर की प्रमुख सड़कों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। वाहन स्वामियों को वाहन चोरी होने का भय भी सताता रहता है। हालांकि पहले मीना बाजार को पार्किंग स्थल बनाने की बात उठी, लेकिन मामला अधर में लटका हुआ है।
फुटपाथ विहीन हैं शहर की सभी प्रमुख सड़कें
जिले के दो तहसील मुख्यालयों पर फुटपाथ और डिवाइडर युक्त सड़कें देखने को मिलेंगी, लेकिन जिला मुख्यालय की सड़कों पर न तो फुटपाथ दिखता है और न ही डिवाइडर। यही वजह है कि लोगों ने फुटपाथ पर दुकानें और वर्कशॉप खोल रखे हैं। रविवार को भी फुटपाथों पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
शहर के विस्तारीकरण का मामला भी अधर में
शासन की मांग पर पूर्व के वर्षों में नगर पालिका परिषद की सीमा के विस्तारीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें नौगवां पकड़िया, बरहा, चिड़ियादाह, देशनगर को पालिका क्षेत्र में शामिल करने की कवायद शुरू की गई थी, लेकिन पैरवी न होने से मामला अधर में लटका है।
शहर आसपास के शहरों से पिछड़ता जा रहा है। बिजली, मूलभूत सुविधाओं में अभी भी सुधार होना बाकी है।
संजय अग्रवाल, सीए, मधुवन कॉलोनी
शहर की जनसंख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इसी के अनुसार विकास कार्य भी होने चाहिए ताकि शहर बेहतर शहरों में गिना जा सके।
अमनदीप सिंह जौली, सुरभि कॉलोनी
विकास कार्य हुए हैं, लेकिन अभी भी सुधार की जरूरत है। सड़कों को डिवाइडर युक्त बनाया जाना चाहिए, ताकि जाम की समस्या से छुटकारा मिल सके।
कार्तिक भसीन, अशोक कॉलोनी
मूलभूत सुविधाओं में सुधार हुआ है। शहर में विकास का नया खाका खींचा जाना चाहिए, ताकि शहर की मिसाल कायम हो सके।
विनीत अग्रवाल
जल्द ही दिखेंगे धरातल पर विकास कार्य
पार्किंग को लेकर मीना बाजार चिह्नित किया गया है। वहां वाहन खड़ा कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। शहर में विकास को लेकर खाका खींचा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही विकास कार्य धरातल पर दिख सकेंगे। - विमला जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका