पीलीभीत। शिक्षक शमसुल हसन खां के संबंध में मांगी सूचनाएं न देने पर सूचना आयोग ने कड़ी नाराजगी जताते हुए 15 दिन में सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में आयोग ने 26 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान बीएसए देवेंद्र स्वरूप के साथ ही मरौरी खंड शिक्षा अधिकारी श्रीराम सक्सेना को भी पक्षकार बनाया है।
शहर के राजाबाग कॉलोनी निवासी कार्तिक कुमार ने 20 अक्तूबर 2016 को उच्च प्राथमिक विद्यालय चंदोई के पूर्व शिक्षक शमसुल हसन द्वारा की गई अनियमितताओं और बिना अनुमति के विदेश यात्राएं करने, छात्र छात्राओं को भेजे गए कंप्यूटर और राजकीय धनराशि के गबन आदि के संबंध में सूचना मांगी थी। सूचना न देने पर कार्तिक ने सूचना आयोग में वाद दायर किया। इसमें 26 अगस्त को सुनवाई हुई। बीएसए के प्रतिनिधि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी अमरिया मदन लाल वर्मा पहुंचे। सुनवाई के दौरान आयोग ने वादी को मांगी गई सूचना उपलब्ध न कराने पर नाराजगी जताई। इय मामले में बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने खंड शिक्षा अधिकारी श्रीराम सक्सेना को शमसुल हसन पर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बीईओ द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इस मामले में आयोग ने बीएसए के साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी मरौरी श्रीराम सक्सेना को भी पक्षकार बनाते हुए 15 दिन के अंदर सूचना उपलब्ध कराने और 13 जनवरी 2020 को उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
सूचनाएं उपलब्ध न कराने और सेवा पुस्तिका के मामले में कार्रवाई न करने पर खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। सूचना आयोग के निर्देशानुसार वादी को सूचनाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। - देवेंद्र स्वरूप, बीएसए