पीलीभीत। डीएम का आदेश पालिका अफसरों की मनमानी के आगे बौना साबित हो गया है। एक माह पूर्व निरीक्षण के दौरान डीएम ने सीएमओ कार्यालय से मोर्चरी तक बदहाल सड़क और जलभराव देख नाराजगी व्यक्त की थी। ईओ को मौके पर बुलाकर सड़क डलवाने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन जस की तस स्थिति के आगे डीएम की सख्ती महज दिखावा बनकर रह गई है। सोमवार को चंद घंटे हुई बारिश से सीएमओ कार्यालय के बाहर जलभराव हो गया। कई लोग तो पानी में गिरकर चोटिल हुए।
पिछले दिनों डीएम वैभव श्रीवास्तव ने जिला पुरुष अस्पताल, महिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान सीएमओ कार्यालय से मोर्चरी तक सड़क बदहाल और जलभराव देख डीएम ने नाराजगी जताई थी। सीएमओ ने बताया था कि अक्सर बारिश में जलभराव की स्थिति रहती है, मोर्चरी तक पहुंचने में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता। कई बार लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। पालिका को जलभराव की समस्या से अवगत कराते हुए कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन स्थिति जस की तस है। इस पर डीएम ने तत्काल ईओ निशा मिश्रा को मौके पर बुला लिया। शीघ्र ही सड़क डलवाने के निर्देश दिए। डीएम की सख्ती देखकर अंदाजा लगाया जा रहा था, कि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी लेकिन लापरवाह अफसरों ने डीएम के आदेश को हवा में उड़ा दिया। मंगलवार को चंद मिनट की बारिश से सीएमओ कार्यालय के बाहर नाव चलाने भर का पानी था। अफसर तो किसी तरह कार्यालय गेट पर वाहन से उतर अंदर पहुंच गए, लेकिन कर्मचारियों को पानी के बीच होकर ही निकलना पड़ा। इधर, सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल का कहना है कि ईओ को पूर्व में रिमांडर भेजा चुका है, लेकिन हालात सुधरती नहीं दिख रहे।