पीलीभीत। उमस भरी गर्मी से बेहाल लोगों को मौसम के बदले मिजाज ने राहत दी। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात से 11 बजे तक हुई बारिश से शहर की सड़कें तालाब बन गईं। विकास भवन के तीसरे तल के कई कार्यालयों के कर्मचारियों को टपकती छत से अभिलेखों को बचाने की मशक्कत करनी पड़ी। बनकटी मार्ग की गीता कॉलोनी में नगरपालिका का निर्माणाधीन नाला भी ढह गया। बिजली कटौती ने भी लोगों को खूब परेशान किया।
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि करीब चार घंटे में जिले में पांच मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। शुरुआत में झमाझम बारिश हुई। इसके बाद रुक-रुककर पानी गिरा। बरसात से शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। चावला चौराहा, अग्रवाल सभा भवन मार्ग, अशोक काॅलोनी, सुनगढ़ी, जिला अस्पताल परिसर, टनकपुर हाईवे, स्टेशन मार्ग पर तालाब जैसा पानी भरा। जरूरी काम से बाहर निकले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। बारिश से शहर के कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनी है। गांधी स्टेडियम के मैदान में भी जलभराव हो गया। इस वजह से खेल आयोजन नहीं हो सके। सुबह टहलने वालों को भी मायूस होना पड़ा। बारिश थमने के करीब दो घंटे बाद लोगों को मुख्य मार्गों के जलभराव से राहत मिली।
कर्मचारियों ने की कंप्यूटर और अभिलेख बचाने की मशक्कत
बारिश से विकास भवन के तीसरे तल के कई कार्यालयों की छत से पानी टपकने लगा। सहकारिता विभाग और डूडा कार्यालयों के कर्मचारी अभिलेखों को पानी से बचाने की मशक्कत करते नजर आए। कंप्यूटर को पॉलिथीन से ढका गया। दस्तावेजों को सुरक्षित किया गया। गैलरी और कक्ष फर्श पर जमा पानी को वाइपर से बाहर निकाला गया। कई अन्य कार्यालयों में भी बारिश का पानी पहुंच गया। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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चंद घंटों की बारिश में ढह गया 40 लाख से निर्माणाधीन नाला
- मामला छिपाने के लिए ठेकेदार ने दो घंटे में शुरू कराई मरम्मत
पीलीभीत। चंद घंटे की बरसात में ही लगभग 40 लाख रुपये से बन रहा नगर पालिका का नाला भर-भराकर गिर गया। सूचना मिलते ही ठेकेदार जांच से बचने के लिए दो घंटे में ही नाला दुरुस्त कराने में जुट गए। नाला ढहने से कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए, लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदार अनजान बने रहे।
शहर के सिविल लाइन वार्ड के गीता कॉलोनी में नगर पालिका की ओर से 40 लाख रुपये की लागत से सिविल लाइन चौकी तक नाला निर्माण कराया जा रहा है। कार्य को लगभग दो माह बीत भी चुके हैं। सुबह हुई बरसात ने नाले की गुणवत्ता की पोल खोल दी। मुख्य कॉलोनी में नाले की एक तरफ की दीवार गिर गई। जानकारी ठेकेदार को मिली तो आनन फानन में मिस्त्री व मजदूरों को लगाकर क्षतिग्रस्त नाले को दुरुस्त कराने में जुट गया। इससे नाला गिरने की जानकारी नगर पालिका को भी नहीं हो पाई। मामले में ईओ संजीव कुमार ने बताया कि नाला गिरने की जानकारी संज्ञान में नहीं है, जांच कराई जाएगी।
बारिश से तालाब बनीं शहर की मुख्य बाजार की सड़कें संवाद
बारिश से तालाब बनीं शहर की मुख्य बाजार की सड़कें संवाद