माधोटांडा। कलीनगर के एसडीएम ने पुलिस फोर्स के साथ कस्बे के बाग में छापा मारकर अवैध खनन का रेता पकड़ा। यह रेता खारजा नहर से लाया गया था। मौके से मिला रेता 30 ट्रॉली के बराबर निकला, जिसे जेसीबी मशीन की मदद से उठावाकर कलीनगर पहुंचाया गया। एसडीएम ने इस बीच खारजा नहर के किनारे पहुंचकर वहां भी छापा मारा और खनन करके इकट्ठे किए गए रेत के कुछ ढेरों को जब्त किया।
शारदा डैम में भंडार पानी को हरदोई ब्रांच(खारजा नहर) से बाहर निकाला जाता है। डैम में पानी भरने के लिए नहर को बंद किया जाता है। इसका फायदा उठाते हुए खनन माफिया गांव की सीमा में नहर की पटरी पर अवैध खनन निकासी करते हैं। डनलप से रेत निकालकर कई स्थानों पर ढेर लगाकर उसे बेचते हैं। ये इतना ढेर लगा लेते हैं कि नहर में पानी छोड़ने के बाद भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से इसकी सप्लाई करते रहते हैं। एसडीएम कलीनगर हरिओम शर्मा ने बताया कि रविवार रात राजस्व और पुलिस की मौजूदगी में कस्बे के पश्चिमी बाग में छापा मारा गया। वहां रेत के तमाम ढेर लगे मिले। जेसीबी की मदद से ढेरों को उठवाकर कलीनगर निवासी नसीम खां के सुपुर्द किया गया। खारजा नहर के लेखपाल के सुपुर्द किए गए। सिंचाई विभाग के जेई को खनन करने वालों एफआईआर कराने के निर्देश दिए है।
इलाके में खनन माफियों के हौसले बुलंद है। अफसरों की सख्ती के बाद भी अवैध खनन बंद नहीं हो रहा है। खारजा नहर के बाहर का इलाका सामाजिक वानिकी का है। दो वर्ष पूर्व अनाधिकृत खनन की ट्रैक्टर ट्रॉलियां निकलने से पेड़ों का नुकसान होता देख सामाजिक वानिकी की ओर से खाई खोदकर खनन करने वाले घट्टे को बंद करवा दिया गया था। नहर की पटरी काटने पर सिंचाई विभाग की ओर से भी सख्ती की गई थी, फिर भी खनन बंद नहीं हो सका।
अवैध खनन का कारोबार इस कदर है कि माधोटांडा से लेकर हल्दीडेंगा तक नहर की पटरी पर कई जगह रेत निकालने के अड्डा बना लिए गए हैं। माफिया रेत के ढेर लगाकर उन्हें महंगे रेट पर बेचते हैं। अफसरों की सख्ती होने पर कुछ दिन के लिए खनन बंद कर दिया जाता है। बाद में फिर शुरू हो जाता है। रेत कम पड़ने जाने पर माफिया ने कई स्थानों पर नहर का डौला काट लिया। सिंचाई विभाग के अफसर उन पर सख्ती नहीं कर पा रहे हैं।