महंगाई के चलते कम किराये वाली हटों में ठहरने वालों की संख्या ज्यादा
पर्यटक मित्रों की भी नहीं हो पाई अभी तक पूरी दिहाड़ी
टाइगर रिजर्व में चालू नए सत्र में अब तक 132 पर्यटकों ने चूका बीच की हरीभरी वादियों के दीदार किए। महंगाई के दौर के चलते सबसे कम किराए वाली थारू हटों में मात्र 20 पर्यटक व बैंबो हट तथा ट्री हट में मात्र छह-छह लोग ही ठहरे। पर्यटकों को संख्या न बढ़ने के चलते तैनात किए गए 50 गाइडों को पूरी दिहाड़ी भी नहीं मिल सकी है।
चूका बीच 15 नवंबर को खुलने पर हर साल पर्यटकों की संख्या में इजाफा होता था। पर्यटकों को जंगल सफारी के लिए जो गाइड तैनात किए जाते थे उनका खर्च भी निकलता था, लेकिन इस बार व्यवस्था बदली है। चूका बीच वन निगम के हवाले चला गया। इस कारण मुस्तफाबाद से कुल 132 पर्यटकों ने चालू सत्र से अब तक चूका बीच की सैर की। वही महंगाई के दौर के चलते जो हट बुकिंग में सबसे कम खर्च वाले थे, जिसमें एक पर्यटक का किराया 1500 रुपये निर्धारित किया गया था, ऐसी थारू हटों में अब तक मात्र 20 पर्यटकों ने रातें बिताईं। वहीं बैम्बो हट व ट्री हट में अब तक मात्र छह-छह पर्यटक ही ठहरे।
पर्यटकों की सुविधा के लिए तैनात किए गए गाइडों की भी इस बार अभी तक पूरी दिहाड़ी नहीं निकल पा रही है। टाइगर रिजर्व मे जंगल घुमाने के लिए वन विभाग ने लगभग पचास गाइडों को प्रशिक्षण देकर रखा है, लेकिन पर्यटकों की आमद कम होने के चलते गाइडों की दिहाड़ी पर भी असर पड़ रहा हैं। एक गाइड द्वारा पर्यटकों को एक बार जंगल घुमाने पर तीन सौ रुपये का चार्ज निर्धारित किया गया हैं। वन निगम के यूनिट प्रभारी जमीलुर्रहमान ने बताया कि गाइडों का महीना पूरा होने पर पूरे माह का हिसाब जोड़कर दिया जाएगा। तभी पता चल सकेगा कि एक गाइड को महीने में कितने रुपये मिल रहे हैं। सोमवार को भी मुस्तफाबाद गेस्टहाउस के बाहर जंगल सफारी व जिप्सी पर्यटकों के इंतजार में खड़ी रही। रिटायर्ड एसडीओ केपी सिंह ने बताया कि इस बार नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इसलिए फर्क देखा जा रहा है। धीरे-धीरे व्यवस्थाएं ठीक हो जाएंगी और पर्यटकों की भी संख्या बढ़ेगी।
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